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Sohil Barelvi
vahaañ tak raushni qaaim rahegi
vahaañ tak raushni qaaim rahegi | वहाँ तक रौशनी क़ाइम रहेगी
- Sohil Barelvi
वहाँ
तक
रौशनी
क़ाइम
रहेगी
ये
नस्ल-ए-नौ
जहाँ
तक
जा
रही
है
- Sohil Barelvi
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एक
तरफ़
है
पूरी
दुनिया
एक
तरफ़
है
मेरा
घर
लेकिन
तुमको
बतला
दूँ
मैं
दुनिया
से
है
अच्छा
घर
सब
कमरों
की
दीवारों
पर
तस्वीरें
हैं
बस
तेरी
मुझ
सेे
ज़ियादा
तो
लगता
है
जानेमन
ये
तेरा
घर
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Tanoj Dadhich
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पत्थर
के
इस
जहाँ
में
थी
रोने
लगी
सभा
जब
आदमी
ने
आदमी
को
आदमी
कहा
SHIV SAFAR
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इसी
होनी
को
तो
क़िस्मत
का
लिखा
कहते
हैं
जीतने
का
जहाँ
मौक़ा
था
वहीं
मात
हुई
Manzar Bhopali
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परतव
से
जिस
के
आलम-ए-इम्काँ
बहार
है
वो
नौ-बहार-ए-नाज़
अभी
रहगुज़र
में
है
Ali Sardar Jafri
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मैं
सुख़न
में
हूँ
उस
जगह
कि
जहाँ
साँस
लेना
भी
शा'इरी
है
मुझे
Tehzeeb Hafi
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दुनिया
के
ताने
सह
लेता
हूँ
इक
अच्छा
बेटा
कहलाना
है
Neeraj Neer
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सुतून-ए-दार
पे
रखते
चलो
सरों
के
चराग़
जहाँ
तलक
ये
सितम
की
सियाह
रात
चले
Majrooh Sultanpuri
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इस
दौर
के
मर्दों
की
जो
की
शक्ल-शुमारी
साबित
हुआ
दुनिया
में
ख़्वातीन
बहुत
हैं
Sarfaraz Shahid
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टक
गोर-ए-ग़रीबाँ
की
कर
सैर
कि
दुनिया
में
उन
ज़ुल्म-रसीदों
पर
क्या
क्या
न
हुआ
होगा
Meer Taqi Meer
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ये
जितने
मसाइल
हैं
दुनिया
में,
सब
तुझे
देखने
से
सुलझ
जाएँगे
Siddharth Saaz
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तुम
मिरे
आस
पास
ही
रहना
मैं
अकेला
उदास
रहता
हूँ
Sohil Barelvi
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नहीं
समझो
ज़रा
सा
इश्क़
हूँ
मैं
यक़ीं
मानो
सरापा
इश्क़
हूँ
मैं
ख़ुदास
मैं
ख़ुदा
मुझ
से
जुड़ा
है
तो
ये
मतलब
ख़ुदा
का
इश्क़
हूँ
मैं
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Sohil Barelvi
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यही
हसरत
है
इक
बीमार
की
बस
किसी
को
मुस्कुराता
देख
लेता
Sohil Barelvi
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सफ़्हों
की
क़ैदस
अभी
आज़ाद
कीजिए
कुछ
शेर-ए-तर
हुए
हों
तो
इरशाद
कीजिए
शीशे
से
रोज़
आती
है
बस
एक
ही
सदा
रोती
हुई
ये
शक्ल
कभी
शाद
कीजिए
सीने
से
दिल
निकल
के
ही
आ
जाए
रू-ब-रू
इक
रोज़
इतना
आप
मुझे
याद
कीजिए
बस
एक
काम
आता
है
दुनिया
को
ख़ूब-तर
जो
शख़्स
ख़ुश
दिखाई
दे
नाशाद
कीजिए
ये
दिन
ख़ुशी
का
दिन
है
इसे
छोड़कर
हुज़ूर
आबाद
दिल
को
फिर
कभी
बर्बाद
कीजिए
सोहिल
ये
अश्क
आँख
में
क्यूँँ
रोक
कर
रखे
आज़ाद
पंछियों
को
तो
आज़ाद
कीजिए
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Sohil Barelvi
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होते
हैं
मुझ
से
रू-ब-रू
आज़ार
जा-ब-जा
उस
पर
तेरे
सितम
हैं
मेरे
यार
जा-ब-जा
कार-ए-जहाँ
को
छोड़
तुम्हारी
तलाश
की
तुम
को
भी
हारे
ढूँढ़
के
सरकार
जा-ब-जा
ढूँढा
अकेले
तन्हा
हकीमों
को
शहर
भर
फिरता
रहा
अकेले
ही
बीमार
जा-ब-जा
सोहिल
न
जाने
इश्क़
में
कब
आएगा
वो
दिन
लैला
पुकारे
क़ैस
को
सरशार
जा-ब-जा
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Sohil Barelvi
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