hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Sohil Barelvi
is jahaan-e-kharaab men sohil
is jahaan-e-kharaab men sohil | इस जहान-ए-ख़राब में सोहिल
- Sohil Barelvi
इस
जहान-ए-ख़राब
में
सोहिल
और
क्या
क्या
मिले
नहीं
मालूम
- Sohil Barelvi
Download Sher Image
मेरी
आँखों
में
रौशनी
न
रहे
तब
मुझे
छोड़
कर
चले
जाना
Sohil Barelvi
Send
Download Image
0 Likes
यक़ीनन
पीठ
पीछे
कुछ
अलग
फ़रमा
रहे
हों
मेरे
अपने
मेरी
तारीफ़
मुँह
पर
कर
रहे
थे
Sohil Barelvi
Send
Download Image
2 Likes
कानों
पे
हाथ
रख
लिए
ख़ामोश
हो
गया
सुन
ने
की
हद
हुई
तो
मुझे
बोलना
पड़ा
Sohil Barelvi
Send
Download Image
1 Like
ख़ाक
समझेगा
कोई
पल
भर
में
आग
किस
सम्त
से
लगी
घर
में
लोग
तो
इस
तरह
से
देखे
हैं
जैसे
आसेब
हों
मेरे
घर
में
जिस
ने
मेरी
हँसी
ख़ुशी
छीनी
अब
तलक
जीता
है
उसी
डर
में
एक
कश्ती
थी
जान
की
दुश्मन
छोड़
कर
आ
गया
समुंदर
में
और
कितना
तुझे
मैं
महकाऊँ
और
ख़ुशबू
नहीं
गुल-ए-तर
में
एक
हद
तक
ही
यार
को
पूजा
कौन
पड़ता
वफ़ा
के
चक्कर
में
अपनी
क़िस्मत
बदलता
रहता
है
इक
नुजूमी
है
हर
सुख़न-वर
में
ख़ुद
पे
सारे
अज़ाब
ले
लूँगा
याद
करना
कभी
तू
महशर
में
किस
के
हिस्से
की
बच
गई
सोहिल
आज
थोड़ी
शराब
साग़र
में
Read Full
Sohil Barelvi
Download Image
1 Like
खरा
खोटा
तुम्हें
जब
बोलते
हैं
सब
कोई
मजबूर
सिसकी
भर
के
रोता
है
Sohil Barelvi
Send
Download Image
1 Like
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Khyaal Shayari
Gham Shayari
Sardi Shayari
Khudkushi Shayari
Sharm Shayari