zabt kii had ho gaii hai aur main KHaamosh hooñ | ज़ब्त की हद हो गई है और मैं ख़ामोश हूँ

  - Sohil Barelvi
ज़ब्तकीहदहोगईहैऔरमैंख़ामोशहूँ
जाननिकलीजारहीहैऔरमैंख़ामोशहूँ
सोचताथारू-ब-रूजबआपहोंतोकुछकहूँ
सामनेमंज़रवहीहैऔरमैंख़ामोशहूँ
मैंअकेलाइसक़दरथायूँँसमझलोमुझकोआज
हरनज़रअबदेखतीहैऔरमैंख़ामोशहूँ
जोकमीमेरीथीमैंख़ामोशथाउसपरमगर
येकमीतोआपकीहैऔरमैंख़ामोशहूँ
अपनीमंज़िलकीतरफ़मैंबढ़रहाहूँइसलिए
सबसेबेहतरख़ामुशीहैऔरमैंख़ामोशहूँ
  - Sohil Barelvi
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