hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Sohil Barelvi
teri tasveer dekh leta hooñ
teri tasveer dekh leta hooñ | तेरी तस्वीर देख लेता हूँ
- Sohil Barelvi
तेरी
तस्वीर
देख
लेता
हूँ
अपनी
तक़दीर
देख
लेता
हूँ
क़ैद-ख़ानों
की
याद
आती
है
जब
भी
ज़ंजीर
देख
लेता
हूँ
भूल
जाता
हूँ
ख़ुद
को
जब
भी
मैं
तेरी
तहरीर
देख
लेता
हूँ
सुब्ह
भी
शायराना
लगती
है
ख़्वाब
में
मीर
देख
लेता
हूँ
ख़्वाब
पूरे
नहीं
जो
हो
पाए
उन
की
ता'बीर
देख
लेता
हूँ
आप
भी
चल
दिए
यहाँ
से
अब
मैं
भी
तदबीर
देख
लेता
हूँ
आज
भी
टोकता
हूँ
ख़ुद
को
मैं
जब
भी
तक़्सीर
देख
लेता
हूँ
- Sohil Barelvi
Download Ghazal Image
मेरा
अपना
मेरा
अपना
हुआ
नईं
मेरा
दिल
फिर
भी
अपने
से
जुदा
नईं
बुरे
हालात
में
भी
एक
ही
है
हमारा
दूसरा
कोई
ख़ुदा
नईं
बहुत
नाराज़
हूँ
मैं
अपने
रब
से
मेरे
लब
पर
कोई
भी
अब
दु'आ
नईं
मेरी
आवाज़
सुन
कर
आज
फिर
से
कोई
खिड़की
कोई
दर
वा
हुआ
नईं
गुमाँ
होता
रहा
इक
रफ़्तगाँ
का
वो
मेरे
सामने
था
पर
दिखा
नईं
मैं
थोड़ी
दूर
जाना
चाहता
हूँ
अभी
ज़ुल्फ़ें
मेरे
रुख़
से
हटा
नईं
Read Full
Sohil Barelvi
Download Image
2 Likes
जब
मुझे
प्यार
की
ज़रूरत
थी
सब
के
सब
मर
गए
कहीं
जा
कर
Sohil Barelvi
Send
Download Image
1 Like
मिरे
कान्हा
मिरी
आवाज़
सुन
लो
मिरे
अंदर
महा-भारत
चले
है
Sohil Barelvi
Send
Download Image
0 Likes
आँख
भूली
है
बाप
की
सूरत
उस
पे
दुख
हैं
शराप
की
सूरत
ग़म-ज़दा
इक
ग़ज़ल
पढ़ी
अपनी
दर्द
उभरे
अलाप
की
सूरत
याद
माँ
की
रुला
गई
मुझ
को
मैं
ने
देखी
थी
बाप
की
सूरत
ताल
तन्हाई
देती
रहती
है
दर्द
उठता
है
थाप
की
सूरत
कोई
ऐसा
नहीं
रहा
सोहिल
जिस
से
मिलती
हो
आप
की
सूरत
Read Full
Sohil Barelvi
Download Image
1 Like
अपने
क़रीब
रखना
जिसे
जो
अज़ीज
हो
मुझ
को
बिछड़
के
सीखने
को
मिल
गया
बहुत
Sohil Barelvi
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Good morning Shayari
Kamar Shayari
Beqarari Shayari
Bijli Shayari
Haar Shayari