faqat kehne ko zinda ho gaya hai | फ़क़त कहने को ज़िंदा हो गया है

  - Sohil Barelvi
फ़क़तकहनेकोज़िंदाहोगयाहै
अगरबीमारअच्छाहोगयाहै
कोईअपनापरायाहोगयाहै
ख़सारेमेंइज़ाफ़ाहोगयाहै
हमारेहाथजबसेकटगएहैं
बहुतकमज़ोरशानाहोगयाहै
मैंवोपत्थरजिगरवालाहूँजिसको
किसीसेइश्क़सच्चाहोगयाहै
यहीबसपूछनाहैमनकीकरके
तुम्हारादिलतोहल्काहोगयाहै
कोईबदलावहोनेसेरहाअब
जोहोनाथावोकबकाहोगयाहै
हमारीहीदु'आमेंकुछकमीहै
मगरतुमनेजोचाहाहोगयाहै
बहलतेहैंकईदिलइसकेदमपर
हमारादिलखिलौनाहोगयाहै
  - Sohil Barelvi
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