तेग़-ए-क़लमचलाफ़क्तअश'आरकेलिए
सैफ़-ए-ज़बाँख़मोशरहीयारकेलिए
ताब-ए-सुख़ननहींहैकुछअनवारकेलिए
लिखनेचलाहूँवस्फ़-ए-रुख़-ए-यारकेलिए
तस्लीम-ए-जुर्मकरताहूँइज़हारकेलिए
अफ़सुर्दाहोगयाहूँबसइकप्यारकेलिए
मैंइकसवालकरकेपरेशानहोगया
सारेजवाबदेनेलगेयारकेलिए
असबाब-ए-रंज-ओ-'ऐशहमेंकुछपतानहीं
कहतेहैंलोगमरतेहैंहमयारकेलिए
बाग़-ओ-बहारख़रमी-ओ-शादाबीथीमगर
बर्ग-ए-ख़िज़ाँरसीदागिराख़ारकेलिए
इस्मत-फ़रोशकोईनहींइसजहानमें
लेकिनचलेहैबिकनेकोघर-बारकेलिए
रख़्त-ए-सियाहछानेलगीघरमेंइसक़द्र
सोहेल-ए-ख़स्ताअबचलोदीदारकेलिए