पुर-सुकूँ और ख़ुशी को भूल गया

  - Simar Gozra
पुर-सुकूँऔरख़ुशीकोभूलगया
जोबशरबे-ख़ुदीकोभूलगया
प्यासकेचलतेमरनेवालाथा
प्यासबुझतेनदीकोभूलगया
घरमेंतबघरकियाअंधेरेने
जबदियारौशनीकोभूलगया
जोखड़ासाथवक़्त-ए-उलझनमें
वक़्तसुलझाउसीकोभूलगया
क्याहैमानीसफ़रकाजबराही
मंज़िल-ए-आख़िरीकोभूलगया
ज़ोरऔरज़ुल्ममेंफॅंसाबंदा
तेरीमौजूदगीकोभूलगया
नक़्ल-ए-दुनियामेंमुब्तिलाइंसान
मक़सद-ए-ज़िंदगीकोभूलगया
  - Simar Gozra
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