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Shubham Seth
sabhi ko lag raha tha khudkushi se mar gaya tha main
sabhi ko lag raha tha khudkushi se mar gaya tha main | सभी को लग रहा था ख़ुद-कुशी से मर गया था मैं
- Shubham Seth
सभी
को
लग
रहा
था
ख़ुद-कुशी
से
मर
गया
था
मैं
मगर
सच्चाई
ये
थी,
ख़ुद
ख़ुशी
से
मर
गया
था
मैं
- Shubham Seth
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वो
अजब
शख़्स
था
हर
हाल
में
ख़ुश
रहता
था
उस
ने
ता-उम्र
किया
हँस
के
सफ़र
बारिश
में
Sahiba sheharyaar
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चला
तो
हूँ
मैं
उन
के
दर
से
बिगड़
कर
हँसी
आ
रही
है
कि
आना
पड़ेगा
Khumar Barabankvi
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ये
कह
के
दिल
ने
मिरे
हौसले
बढ़ाए
हैं
ग़मों
की
धूप
के
आगे
ख़ुशी
के
साए
हैं
Mahirul Qadri
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जो
बिस्मिल
बना
दे
वो
क़ातिल
तबस्सुम
जो
क़ातिल
बना
दे
वो
दिलकश
नज़ारा
मोहब्बत
का
भी
खेल
नाज़ुक
है
कितना
नज़र
मिल
गई
आप
जीते
मैं
हारा
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Nushur Wahidi
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मुझको
गया
था
छोड़
के
वो
कितने
तैश
में
लेकिन
ख़ुशी
से
रह
न
सका
एक
साल
भी
Ankit Maurya
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जाने
कैसे
ख़ुश
रहने
की
आदत
डाली
जाती
है
उनके
यहाँ
तो
बारिश
में
भी
धूप
निकाली
जाती
है
Ritesh Rajwada
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कब
बार-ए-तबस्सुम
मिरे
होंटों
से
उठेगा
ये
बोझ
भी
लगता
है
उठाएगा
कोई
और
Aanis Moin
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कुछ
इस
अदास
मोहब्बत-शनास
होना
है
ख़ुशी
के
बाब
में
मुझ
को
उदास
होना
है
Rahul Jha
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तुम
इन
लबों
की
हँसी
और
ख़ुशी
पे
मत
जाना
ये
रोज़
रोज़
हमें
भी
फ़रेब
देते
हैं
Shadab Asghar
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ज़मीं
पे
घर
बनाया
है
मगर
जन्नत
में
रहते
हैं
हमारी
ख़ुश-नसीबी
है
कि
हम
भारत
में
रहते
हैं
Mehshar Afridi
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शिकायत
के
सिवा
देखो
उसे
कुछ
भी
नहीं
आता
अगर
हम
एक-दो
कर
दें
उसी
पर
रूठ
जाता
है
Shubham Seth
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किसी
की
ख़्वाहिशों
को
कब
तलक
तुम
बाँध
पाओगे
बड़ा
वो
पेड़
होगा
और
गमला
टूट
जाएगा
Shubham Seth
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ये
लो
ख़ंजर
जितने
भी
हैं
शिक़वे
तुम
बस
ख़त्म
करो
इक
ग़लती
पर
ताने
देना
बारी-बारी
ठीक
नहीं
Shubham Seth
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मुझे
इस
इश्क़
ने
तेरे
बड़ा
लाचार
कर
डाला
अजी
लाचार
क्या
पूरी
तरह
बेकार
कर
डाला
मिरे
हाकिम
बड़ा
जादू
दिखाते
हैं
क्या
देखोगे?
मरे
थे
चार
सौ
लेकिन
उसे
बस
चार
कर
डाला
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Shubham Seth
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उस
घूँघट
में
इक
चेहरा
है
उस
चेहरे
पे
इक
तिल
भी
है
उस
तिल
पे
हमारी
जान
फिदा
कुरबान
उसी
पर
दिल
भी
है
वो
सतरह
'आशिक़
क़त्ल
हुए
इन
तेरी
फरेबी
नज़रों
से
इक
हद
तक
तो
मासूम
तू
है
पर
इक
हद
तक
क़ातिल
भी
है
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Shubham Seth
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