nahin naarazgi uski pareshaani asal meri | नहीं नाराज़गी उसकी, परेशानी असल मेरी

  - Shubham Seth
नहींनाराज़गीउसकी,परेशानीअसलमेरी
नहींहोपारहीकबसेमुकम्मलइकग़ज़लमेरी
हजारोंआजबैठेहैंतुझेसरपेबिठानेको
मगरदिलमेंबिठाकेकरसकेंगेक्यानकलमेरी
चलोअबतोड़देतेहैंवोवादेजीने-मरनेके
नहींरहतीतबीयतठीकदेखोआजकलमेरी
बताज्योतिषतुझेकितनेभरूँपैसेबदलनेको
सभीलेकरमुझेवोदे,लकीरोंकोबदलमेरी
मिलाथासाथमुझकोजबमिरेउस्तादगौहरका
हुईंदेखोतभीतोआजयेग़ज़लेंसफलमेरी
  - Shubham Seth
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