daron ko chunta hooñ deewaar se nikalta hooñ | दरों को चुनता हूँ दीवार से निकलता हूँ

  - Shoaib Nizam
दरोंकोचुनताहूँदीवारसेनिकलताहूँ
मैंख़ुदकोजीतकेइसहारसेनिकलताहूँ
तुझेशनाख़्तनहींहैमिरेलहूकीक्या
मैंरोज़सुब्हकेअख़बारसेनिकलताहूँ
मिरीतलाशमेंउसपारलोगजातेहैं
मगरमैंडूबकेइसपारसेनिकलताहूँ
अजीबख़ौफ़हैदोनोंकोक्याकियाजाए
मैंक़दमेंअपनेहीसरदारसेनिकलताहूँ
अबआगेफ़ैसलाक़िस्मतपेछोड़केमैंभी
तिलिस्म-ए-साबित-ओ-सय्यारसेनिकलताहूँ
सुनीहैमैंनेकिसीसम्तसेवहीआवाज़
सुनोमैंगर्दिश-ए-परकारसेनिकलताहूँ
मिरीतलाशमेंवोभीज़रूरआएगा
सोमैंभीचश्म-ए-ख़रीदारसेनिकलताहूँ
नतीजाजोभीहोजा-ए-अमाँमिलेमिले
मैंअबख़राबा-ए-पुरकारसेनिकलताहूँ
  - Shoaib Nizam
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