mast malang hai jeena mujhko KHud ko KHud samjhaaoon | मस्त मलंग है जीना मुझको ख़ुद को ख़ुद समझाऊँ

  - Shivpriya Nagpuri
मस्तमलंगहैजीनामुझकोख़ुदकोख़ुदसमझाऊँ
कौनयहाँहैअपनाकिसकोदिलकाहालसुनाऊँ
पीरपराईजानसकेंनईंऐसेरस्तेमतजा
देखनेवालाहोतोउसकोदिलकादाग़दिखाऊँ
बर्तनकपड़ेझाड़ूपोंछाइन
मेंसिमटीदुनिया
मेरातोबसमोलयहीहैपल-पलमैंचिल्लाऊँ
सुख-दुखअपनाख़ुदसेबाँटूँमैंतोहूँबंजारन
रोज़समेटूँदिनभरख़ुदकोरातकोफिरबिखराऊँ
बाहरसरेउजलीदुनियाअंदरघोरअँधेरा
सहराप्यासाप्यासाजंगलबूँदकिधरसेलाऊँ
  - Shivpriya Nagpuri
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