hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shivang Tiwari
vo mere saath agar nahin hoti
vo mere saath agar nahin hoti | वो मेरे साथ अगर नहीं होती
- Shivang Tiwari
वो
मेरे
साथ
अगर
नहीं
होती
इश्क़
क्या
है
ख़बर
नहीं
होती
हाल-ए-दिल
कुछ
मेरा
भी
ऐसा
है
उसके
बिन
अब
गुज़र
नहीं
होती
देखता
हूँ
जिसे
मुहब्बत
से
उसकी
मुझपे
नज़र
नहीं
होती
बात
करने
को
दिल
तो
करता
है
बात
उस
सेे
मग़र
नहीं
होती
कोई
अख़बार
बन
गया
हूँ
मैं
मुझ
में
अच्छी
ख़बर
नहीं
होती
बिन
मशक्कत
के
कुछ
भी
हासिल
हो
उसकी
कोई
क़दर
नहीं
होती
- Shivang Tiwari
Download Ghazal Image
हुस्न
सब
को
ख़ुदा
नहीं
देता
हर
किसी
की
नज़र
नहीं
होती
Ibn E Insha
Send
Download Image
27 Likes
कोई
पागल
ही
मोहब्बत
से
नवाज़ेगा
मुझे
आप
तो
ख़ैर
समझदार
नज़र
आते
हैं
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
78 Likes
वो
दिल-नवाज़
है
लेकिन
नज़र-शनास
नहीं
मिरा
इलाज
मिरे
चारा-गर
के
पास
नहीं
Nasir Kazmi
Send
Download Image
32 Likes
जिस
की
जानिब
'अदा'
नज़र
न
उठी
हाल
उस
का
भी
मेरे
हाल
सा
था
Ada Jafarey
Send
Download Image
22 Likes
मैं
कहाँ
जाऊँ
करूँँ
किस
से
शिकायत
उस
की
हर
तरफ़
उस
के
तरफ़-दार
नज़र
आते
हैं।
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
54 Likes
साक़ी
कुछ
आज
तुझ
को
ख़बर
है
बसंत
की
हर
सू
बहार
पेश-ए-नज़र
है
बसंत
की
Ufuq Lakhnavi
Send
Download Image
18 Likes
न
कोई
बीन
बजाई
न
टोकरी
खोली
बस
एक
फोन
मिलाने
पे
साँप
बैठा
है
कोई
भी
लड़की
अकेली
नज़र
नहीं
आती
यहाँ
हर
एक
ख़जाने
पे
साँप
बैठा
है
Read Full
Muzdum Khan
Send
Download Image
42 Likes
माँग
सिन्दूर
भरी
हाथ
हिनाई
करके
रूप
जोबन
का
ज़रा
और
निखर
आएगा
जिसके
होने
से
मेरी
रात
है
रौशन
रौशन
चाँद
में
आज
वही
अक्स
नज़र
आएगा
Read Full
Azhar Iqbal
Send
Download Image
66 Likes
सफ़र
के
ब'अद
भी
मुझ
को
सफ़र
में
रहना
है
नज़र
से
गिरना
भी
गोया
ख़बर
में
रहना
है
Aadil Raza Mansoori
Send
Download Image
20 Likes
लौट
जाती
है
उधर
को
भी
नज़र
क्या
कीजे
अब
भी
दिलकश
है
तेरा
हुस्न
मगर
क्या
कीजे
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
59 Likes
Read More
रात
के
बाद
फिर
रात
आ
जाती
है
मेरा
सूरज
ज़मीं
रोज़
खा
जाती
है
मैं
छुपा
ही
नहीं
पाता
ज़ख़्मों
को
अब
मेरे
होंठों
पे
अब
टीस
आ
जाती
है
Read Full
Shivang Tiwari
Send
Download Image
2 Likes
गर
दिखाना
है
तो
ता-उम्र
दिखा
ये
जज़्बा
एक
दिन
का
ये
तिरा
इश्क़-ए-वतन
ठीक
नहीं
Shivang Tiwari
Send
Download Image
2 Likes
फूल
माँगू
तो
ख़ार
देना
तुम
सारा
ग़ुस्सा
उतार
देना
तुम
कर
दूँ
इज़हार
गर
मोहब्बत
का
सीधे-सीधे
नकार
देना
तुम
मन
भरेगा
नहीं
जो
एक,दो
से
गालियाँ
तीन-चार
देना
तुम
चैन
की
नींद
सोना
चाहता
हूँ
शाम
होते
ही
मार
देना
तुम
उसने
कर
ली
है
ख़ुद-कुशी
सबको
अब
यही
इश्तिहार
देना
तुम
Read Full
Shivang Tiwari
Download Image
4 Likes
न
जाने
क्या
हुआ
था
कुछ
पता
ही
नहीं
है
सुना
है
ज़िन्दगी
भर
कुछ
कहा
ही
नहीं
है
सज़ा
उस
जुर्म
की
भी
तो
मिली
है
मुझे
अब
कभी
जो
भूल
कर
मुझ
सेे
हुआ
ही
नहीं
है
Read Full
Shivang Tiwari
Send
Download Image
4 Likes
चाँद
तुम
सेे
मुझे
है
शिकायत
बड़ी
सब
तुम्हारी
वजह
से
समस्या
खड़ी
रौशनी
की
वजह
से
वो
शर्माते
हैं
चाँदनी
को
छुपा
लो
घड़ी
दो
घड़ी
Read Full
Shivang Tiwari
Send
Download Image
4 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Naqab Shayari
Mayoosi Shayari
Chehra Shayari
Bebas Shayari
Bekhudi Shayari