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Shivam Prajapati
rone laga vo dekh kar is haal men
rone laga vo dekh kar is haal men | रोने लगा वो देख कर इस हाल में
- Shivam Prajapati
रोने
लगा
वो
देख
कर
इस
हाल
में
वो
डाल
कर
भी
ख़ुद
गया
था
जाल
में
जो
शख़्स
लगता
था
ज़माने
से
जुदा
वो
शख़्स
भी
था
भेड़िये
की
खाल
में
हँस
कर
जला
दी
आपने
तो
बस्तियाँ
दुनिया
बसी
थी
ज़ालिमो
तिरपाल
में
जिसको
भुलाने
में
लगी
थीं
कोशिशें
तारीख़
वो
फिर
आ
गई
इस
साल
में
- Shivam Prajapati
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बिन
चू
में
तो
सवेरा
नईं
होता
था
बिन
देखे
अब
रात
गुज़र
जाती
है
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Shivam Prajapati
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नहीं
कह
सकता
हूँ
मैं
बे-वफ़ा
उसको
जुदा
हो
कर
भी
दी
मैं
ने
दु'आ
उसको
जवानी,जोश
में
मग़रूर
है
लड़की
बुढ़ापे
का
नहीं
शायद
पता
उसको
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Shivam Prajapati
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याँ
पहले
पिस्तौल
निकाली
जाएगी
तुमको
बाद
में
बातों
से
समझाएँगे
Shivam Prajapati
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मेरा
हँसता
हुआ
मन
रुलाया
गया
मुझको
जब
भी
वो
चेहरा
दिखाया
गया
चूम
लेता
था
जिसके
कभी
हाथ
को
हाथ
उसके
ही
मैं
तो
सताया
गया
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Shivam Prajapati
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ये
दर
'आशिक़
को
डसता
था
पहले
सो
खिड़की
उसका
रस्ता
था
पहले
आँखों
के
पानी
से
हासिल
था
सब
हर
महँगा
सामाँ
सस्ता
था
पहले
सिगरेट
की
ख़ुशबू
ये
बतलाती
है
इन
हाथों
में
गुलदस्ता
था
पहले
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Shivam Prajapati
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