hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
karan singh rajput
vo jo thii haqeeqat thii ya phir KHvaab tha kya tha
vo jo thii haqeeqat thii ya phir KHvaab tha kya tha | वो जो थी हक़ीक़त थी या फिर ख़्वाब था क्या था
- karan singh rajput
वो
जो
थी
हक़ीक़त
थी
या
फिर
ख़्वाब
था
क्या
था
जिस
के
लिए
मैं
रोया
वो
अहबाब
था
क्या
था
- karan singh rajput
Download Sher Image
क़ुबूल
है
जिन्हें
ग़म
भी
तेरी
ख़ुशी
के
लिए
वो
जी
रहे
हैं
हक़ीक़त
में
ज़िन्दगी
के
लिए
Nasir Kazmi
Send
Download Image
47 Likes
ठीक
से
ज़ख़्म
का
अंदाज़ा
किया
ही
किसने
बस
सुना
था
कि
बिछड़ते
हैं
तो
मर
जाते
हैं
Shariq Kaifi
Send
Download Image
43 Likes
बहुत
हसीन
सही
सोहबतें
गुलों
की
मगर
वो
ज़िंदगी
है
जो
काँटों
के
दरमियाँ
गुज़रे
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
47 Likes
ये
सच
है
कि
पाँवों
ने
बहुत
कष्ट
उठाए
पर
पाँव
किसी
तरह
राहों
पे
तो
आए
Dushyant Kumar
Send
Download Image
27 Likes
ये
तुम
भी
जानते
हो
कि
हालात
नर्म
है
कहने
को
कह
रहा
हूँ
कि
सब
ठीक
ठाक
है
shaan manral
Send
Download Image
1 Like
मुझे
आज़ाद
कर
दो
एक
दिन
सब
सच
बता
कर
तुम्हारे
और
उसके
दरमियाँ
क्या
चल
रहा
है
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
218 Likes
सदाक़त
हो
तो
दिल
सीनों
से
खिंचने
लगते
हैं
वाइज़
हक़ीक़त
ख़ुद
को
मनवा
लेती
है
मानी
नहीं
जाती
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
17 Likes
इतना
सच
बोल
कि
होंटों
का
तबस्सुम
न
बुझे
रौशनी
ख़त्म
न
कर
आगे
अँधेरा
होगा
Nida Fazli
Send
Download Image
27 Likes
परवरदिगार
आपके
सब
फैसले
अजीब
हैं
जो
तंग
था
वो
तंग
है
जो
ठीक
था
वो
मर
गया
Adnan Raza
Send
Download Image
2 Likes
सच
कहें
तो
वो
कहानी
बीच
में
दम
तोड़
देगी
जिस
कहानी
को
सभी
किरदार
छोड़े
जा
रहे
हैं
Anurag Pandey
Send
Download Image
2 Likes
Read More
अब
जो
तेरे
क़रीब
है
वो
कितना
ख़ुशनसीब
है
karan singh rajput
Send
Download Image
0 Likes
शहर
में
तेरे
सब
गुमनाम
मिलते
हैं
हवाओं
में
ही
अब
पैग़ाम
मिलते
हैं
बिछड़ने
के
ब’अद
भी
तुझ
सेे
ये
है
हाल
जिधर
जाऊँ
तेरे
हमनाम
मिलते
हैं
Read Full
karan singh rajput
Send
Download Image
1 Like
ख़रीदी
थी
जो
इक
पाजेब
उसके
वास्ते
मैंने
सितम
ये
की
मैं
उसको
आज
तक
वो
दे
नहीं
पाया
karan singh rajput
Send
Download Image
2 Likes
कल
कहा
उसने
कि
अब
मैं
जा
रही
हूँ
यानी
के
कल
मरते
मरते
मर
गए
हम
karan singh rajput
Send
Download Image
6 Likes
मैं
नहीं
हूँ
अच्छा
तो
जा
मुझ
सेे
कोई
बात
मत
कर
मुझ
सेे
ही
गर
इश्क़
नइँ
करना
तो
मेरे
साथ
मत
कर
मुझको
भी
मालूम
है,
हमको
बिछड़ना
है
कभी
तो
मेरी
जाँ
लेकिन
बिछड़ने
की
अभी
तो
बात
मत
कर
फोन
पर
तो
कम
से
कम
इक
बार
मुझ
सेे
बात
कर
ले
तू
भले
ही
सामने
आकर
के
मुझ
सेे
बात
मत
कर
Read Full
karan singh rajput
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Subah Shayari
Beqarari Shayari
Diversity Shayari
Udasi Shayari
Aankhein Shayari