hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
karan singh rajput
is dard ko bhi apna banaya ja saka hai
is dard ko bhi apna banaya ja saka hai | इस दर्द को भी अपना बनाया जा सकता है
- karan singh rajput
इस
दर्द
को
भी
अपना
बनाया
जा
सकता
है
हँस
के
भी
हर
सितम
को
उठाया
जा
सकता
है
- karan singh rajput
Download Sher Image
वो
किसी
के
साथ
ख़ुश
था
कितने
दुख
की
बात
थी
अब
मेरे
पहलू
में
आ
कर
रो
रहा
है
ख़ुश
हूँ
मैं
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
101 Likes
जिसकी
ख़ातिर
कितनी
रातें
सुलगाई
जिसके
दुख
में
दिल
जाने
क्यूँ
रोता
है
इक
दिन
हम
सेे
पूछ
रही
थी
वो
लड़की
प्यार
में
कोई
पागल
कैसे
होता
है
Read Full
Ritesh Rajwada
Send
Download Image
40 Likes
जो
सारे
ज़ख़्म
मेरे
भर
दिया
करता
उसी
के
नाम
का
ख़ंजर
बनाया
है
Parul Singh "Noor"
Send
Download Image
17 Likes
हर
दुख
का
है
इलाज,
उसे
देखते
रहो
सबकुछ
भुला
के
आज
उसे
देखते
रहो
देखा
उसे
तो
दिल
ने
ये
बे-साख़्ता
कहा
छोड़ो
ये
काम
काज
उसे
देखते
रहो
Read Full
Aslam Rashid
Send
Download Image
55 Likes
कब
ठहरेगा
दर्द
ऐ
दिल
कब
रात
बसर
होगी
सुनते
थे
वो
आएँगे
सुनते
थे
सहर
होगी
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
40 Likes
कितना
भी
दर्द
पिला
दे
ख़ुदा
पी
सकता
हूँ
ज़िन्दगी
हिज्र
से
भर
दे
मिरी
जी
सकता
हूँ
हर
दफ़ा
दिल
पे
ही
खा
के
हुई
है
आदत
ये
बंद
आँखों
से
भी
हर
ज़ख़्म
को
सी
सकता
हूँ
Read Full
Faiz Ahmad
Send
Download Image
7 Likes
रात
भर
दर्द
की
शम्अ
जलती
रही
ग़म
की
लौ
थरथराती
रही
रात
भर
Makhdoom Mohiuddin
Send
Download Image
16 Likes
बोसा
होंटों
का
मिल
गया
किस
को
दिल
में
कुछ
आज
दर्द
मीठा
है
Muneer Shikohabadi
Send
Download Image
21 Likes
दर्द
में
शिद्दत-ए-एहसास
नहीं
थी
पहले
ज़िंदगी
राम
का
बन-बास
नहीं
थी
पहले
Shakeel Azmi
Send
Download Image
34 Likes
दर्द
मारे
है
ऐसे
कश
पे
कश
ज़िस्म
जलता
सिगार
हो
जैसे
Ajeetendra Aazi Tamaam
Send
Download Image
4 Likes
Read More
चाहता
था
कुछ
कहूँ,
पर
यार
ने
कुछ
पूछा
ही
ना
तबियत
के
सिवा
karan singh rajput
Send
Download Image
2 Likes
नजरे
इसलिए
तो
मैं
किसी
से
मिलाता
नहीं
था
क्योंकि
उसके
सिवा
जहन
में
कोई
आता
नहीं
था
मैं
याद
में
उसकी
दिन-रात
पागल
था
और
वो
समझती
थी
के
मेरा
कुछ
जाता
नहीं
था
मान
जाता
था
ख़ुद
ही
मैं
रूठ
के
अपने
आप
बचपन
में
भी
मुझको
कोई
मनाता
नहीं
था
छीन
लेते
थे
लोग
मुझ
सेे
मेरी
हर
चीज,
इस
लिए
उसे
खोने
का
डर
मेरे
दिल
से
जाता
नहीं
था
Read Full
karan singh rajput
Download Image
4 Likes
मुझ
सेे
टकरा
के
हवा
भी
रुख़
बदल
लेती
थी
अपना
देख
मैं
मजबूत
कितना
था
तेरे
आने
से
पहले
karan singh rajput
Send
Download Image
0 Likes
कि
इतना
प्यार
तो
है
भी
नहीं
मुझ
सेे
वो
सबके
सामने
जितना
जताती
है
karan singh rajput
Send
Download Image
2 Likes
मैं
चाहता
था
अब
किसी
को
भी
ख़बर
ना
हो
मिरी
मैंने
'करन'
बस
इसलिए
हर
एक
से
झगड़ा
किया
karan singh rajput
Send
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Tanhai Shayari
Aazaadi Shayari
Narazgi Shayari
Gussa Shayari
Friendship Shayari