zaar zaar roye hain baar baar roye hain | ज़ार ज़ार रोये हैं बार बार रोये हैं

  - Aman Kumar Shaw "Haif"
ज़ारज़ाररोयेहैंबारबाररोयेहैं
ज़िन्दगीतेरीख़ातिरबेशुमाररोयेहैं
भीड़ग़मगुसारोंकीसाहिलोंपेथी,सचहै
जोथेडूबनेवालेज़ारज़ाररोयेहैं
अश्क-बारीगिनगिनकेइश्क़मेंनहींलाज़िम
हमसेेयेपूछोकेकितनीबाररोयेहैं
होशमेंरखाहमनेहोंठोपेतबस्सुमपर
मय-कदागएजबभीपुरख़ुमाररोयेहैं
चैनकबपड़ाहमकोइसजहानमेंआकर
हमअज़लसेआख़िरतकबेक़राररोयेहैं
ठीकवक़्तपेहमकोरोनाभीनहींआया
पूरीज़िन्दगीहमतोबे-बहाररोयेहैं
पाकराहोंपेचलकरयेसिलामिलाहमको
साफ़जिस्मथालेकिनदाग़दाररोयेहैं
कुछसिलामुहब्बतका'हैफ़'कोभीदेतेतुम
रुख़सतीजानाँपेहमभीयाररोयेहैं
  - Aman Kumar Shaw "Haif"
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