yoon maayusi ke saanche men na KHud ko dhaa | यूँं मायूसी के सांचे में ना ख़ुद को ढालिए

  - Shashank Tripathi
यूँंमायूसीकेसांचेमेंनाख़ुदकोढालिए
दोस्तोंकेसाथबैठकरग़मोंकोनिकालिए
खिलेथेफूलकितनेबाहर-ए-चमनमेंमगर
जुनून-ए-इश्क़मेंतोआपनेकांटेउठालिए
अबजोयारोंकीमहफ़िलहैतोज़ामभीहोंगे
अभीअपनेक़दमोंकोज़राबहकनेसेसंभालिए
कितनेबेमुरव्वतहोंगेवोलोगजोउसकानामलेंगे
अपनीबर्बादीकेलिएअपनाहीनामउछालिए
गरजोबाकीहोअभीभीउम्मीद-ए-वफ़ाकहीं
मेरीमानिएतोजनाबआपइककुत्तापालिए
नहींमिलेगासुकूनइसमतलबीदुनियासेआपको
अपनीख़ुशियोंको"निहार"अपनेअंदरहीखंगालिए
  - Shashank Tripathi
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