saamne tere hooñ ghabraaya hua | सामने तेरे हूँ घबराया हुआ

  - Shariq Kaifi
सामनेतेरेहूँघबरायाहुआ
बे-ज़बाँहोनेपरशरमायाहुआ
लाखअबमंज़रहोधुँदलायाहुआ
यादहैमुझकोनज़रआयाहुआ
येभीकहनाथाबताकररास्ता
मैंवहीहूँतेराभटकायाहुआ
मैंकिइकआसेबइकबे-चैनरूह
बे-वुज़ूहाथोंकादफ़नायाहुआ
गयाफिरमशवरादेनेमुझे
ख़ेमा-ए-दुश्मनकासमझायाहुआ
फिरवोमंज़िललुत्फ़क्यादेतीमुझे
मैंवहाँपहुँचाथाझुँझलायाहुआ
तेरीगलियोंसेगुज़रआसाँनहीं
आजभीचलताहूँघबरायाहुआ
कुछनयाकरनेकाफिरमतलबहीक्या
जबतमाशाईहैउकतायाहुआ
कमसेकमइसकातोरखतावोलिहाज़
मैंहूँइकआवाज़परआयाहुआ
मुझकोआसानीसेपासकताहैकौन
मैंहूँतेरेदरकाठुकरायाहुआ
  - Shariq Kaifi
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