hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shan Sharma
labon pe uske misra lag raha hai
labon pe uske misra lag raha hai | लबों पे उसके मिसरा लग रहा है
- Shan Sharma
लबों
पे
उसके
मिसरा
लग
रहा
है
मिरा
ये
नाम
नग़मा
लग
रहा
है
पुकारा
है
मुझे
जिस
पल
से
उसने
मुझे
वो
शख़्स
अपना
लग
रहा
है
किसी
सय्याद
का
हो
जाल
जैसे
अदास
उसकी
ख़तरा
लग
रहा
है
महक
है
इस
फ़ज़ा
में
भीनी
भीनी
ये
उसके
घर
का
रस्ता
लग
रहा
है
हमारा
नाम
जोड़ा
जा
रहा
है
मुझे
ये
काम
उम्दा
लग
रहा
है
तुम्हें
ये
चाँद
दिलबर
सा
लगे
है
मुझे
दिलबर
का
झुमका
लग
रहा
है
चुभेगा
मख़मली
बिस्तर
भी
मुझको
मुझे
धरती
पे
अच्छा
लग
रहा
है
उसी
की
राह
मैं
तकता
हूँ
छत
पे
जिसे
सीढ़ी
से
डर
सा
लग
रहा
है
वफ़ा
के
बोझ
से
मैं
दब
रहा
था
चुकाया
क़र्ज़
हल्का
लग
रहा
है
ख़ुशी
से
मिल
रहे
हो
"शान"
इतनी
मुझे
लहजे
में
शिकवा
लग
रहा
है
- Shan Sharma
Download Ghazal Image
मैं
देर
तक
तुझे
ख़ुद
ही
न
रोकता
लेकिन
तू
जिस
अदास
उठा
है
उसी
का
रोना
है
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
34 Likes
कौन
सी
जा
है
जहाँ
जल्वा-ए-माशूक़
नहीं
शौक़-ए-दीदार
अगर
है
तो
नज़र
पैदा
कर
Ameer Minai
Send
Download Image
19 Likes
हम
तो
तमाम
उम्र
तिरी
ही
अदा
रहे
ये
क्या
हुआ
कि
फिर
भी
हमीं
बे-वफ़ा
रहे
Jameel Malik
Send
Download Image
27 Likes
ये
हक़ीक़त
है,
मज़हका
नहीं
है
वो
बहुत
दूर
है,
जुदा
नहीं
है
तेरे
होंटों
पे
रक़्स
करता
है
राज़
जो
अब
तलक
खुला
नहीं
है
जान
ए
जांँ
तेरे
हुस्न
के
आगे
ये
जो
शीशा
है,
आइना
नहीं
है
क्यूँ
शराबोर
हो
पसीने
में
मैं
ने
बोसा
अभी
लिया
नहीं
है
उस
का
पिंदार
भी
वहीं
का
वहीं
मेरे
लब
पर
भी
इल्तेजा
नहीं
है
जो
भी
होना
था
हो
चुका
काज़िम
अब
किसी
से
हमें
गिला
नहीं
है
Read Full
Kazim Rizvi
Send
Download Image
5 Likes
जिस
की
जानिब
'अदा'
नज़र
न
उठी
हाल
उस
का
भी
मेरे
हाल
सा
था
Ada Jafarey
Send
Download Image
22 Likes
वफ़ा
का
ज़ोर
अगर
बाज़ुओं
में
आ
जाए
चराग़
उड़ता
हुआ
जुगनुओं
में
आ
जाए
खिराजे
इश्क़,
कहीं
जा
के
तब
अदा
होगा
हमारा
ख़ून
अगर
आँसुओं
में
आ
जाए
Read Full
Hashim Raza Jalalpuri
Send
Download Image
23 Likes
पाने
को
तुझको
मैंने
तहज्जुद
भी
की
अदा
तू
मिल
गई
तो
फ़र्ज़
भी
बैठा
हूँ
छोड़
कर
Wajid Husain Sahil
Send
Download Image
2 Likes
सच
तो
ये
है
'मजाज़'
की
दुनिया
हुस्न
और
इश्क़
के
सिवा
क्या
है
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
31 Likes
इस
ज़माने
को
ज़माने
की
अदा
आती
है
और
इक
हम
है
हमें
सिर्फ़
वफ़ा
आती
है
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
47 Likes
तुझे
कौन
जानता
था
मेरी
दोस्ती
से
पहले
तेरा
हुस्न
कुछ
नहीं
था
मेरी
शा'इरी
से
पहले
Kaif Bhopali
Send
Download Image
50 Likes
Read More
आप
भी
हो
ग़लत
फ़हम
तब
से
तल्ख़ियाँ
जब
से
दरमियाँ
ठहरी
Shan Sharma
Send
Download Image
1 Like
किताबें
शौक़
से
पढ़ने
लगी
तुम
मैं
भी
थोड़ा
बहुत
लिखने
लगा
हूँ
Shan Sharma
Send
Download Image
0 Likes
निभाओगी
जो
तुम
वा'दा
करोगी
वफ़ा
का
या
कहीं
सौदा
करोगी
जिसे
तुम
ढूँढती
रहती
हो
मुझ
में
मिला
वो
ग़ैर
में
तो
क्या
करोगी
Read Full
Shan Sharma
Send
Download Image
0 Likes
शिकवे
हमको
पास
हमेशा
ले
आते
माँझा
गुँजला
होता
है
सुलझाने
को
Shan Sharma
Send
Download Image
1 Like
अभी
के
ज़ख़्म
ख़ाली
जेब
के
हैं
मोहब्बत
तो
पुराना
हादसा
थी
Shan Sharma
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Khuddari Shayari
Khamoshi Shayari
Aahat Shayari
Bahana Shayari
Paani Shayari