क़ैद-ए-ग़म-ए-हयातसेहमकोछुड़ालिया
अच्छाकियाकिआपनेअपनाबनालिया
होनेदियानहमनेअँधेराशब-ए-फ़िराक़
बुझनेलगाचराग़तोदिलकोजलालिया
दुनियाकेपासहैकोईइसतंज़काजवाब
दीवानाअपनेहालपेख़ुदमुस्कुरालिया
क्याबातथीकिख़ल्वत-ए-ज़ाहिदकोदेखकर
रिंद-ए-गुनाहगारनेसरकोझुकालिया
चुपहूँतुम्हारादर्द-ए-मोहब्बतलिएहुए
सबपूछतेहैंतुमनेज़मानेसेक्यालिया
ना-क़ाबिल-ए-बयाँहैंमोहब्बतकीलज़्ज़तें
कुछदिलहीजानताहैजोदिलनेमज़ालिया
रोज़-ए-अज़लपड़ीथीहज़ारोंहीनेमतें
हमनेकिसीकादर्द-ए-मोहब्बतउठालिया
बढ़नेलगीजोतल्ख़ी-ए-ग़म-हा-ए-ज़िंदगी
थोड़ासाबादा-ए-ग़म-ए-जानाँमिलालिया
वाक़िफ़नहींगिरफ़्त-ए-तसव्वुरसेवो'शमीम'
जोयेसमझरहेहैंकिदामनछुड़ालिया