hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shakir Dehlvi
tumhaari yaad raaton ko ha
tumhaari yaad raaton ko ha | तुम्हारी याद रातों को हमें सोने नहीं देती
- Shakir Dehlvi
तुम्हारी
याद
रातों
को
हमें
सोने
नहीं
देती
तुम
अपनी
याद
अपने
साथ
ले
कर
क्यूँ
नहीं
जाते
- Shakir Dehlvi
Download Sher Image
आख़िरी
बार
मैं
कब
उस
से
मिला
याद
नहीं
बस
यही
याद
है
इक
शाम
बहुत
भारी
थी
Hammad Niyazi
Send
Download Image
35 Likes
कर
रहा
था
ग़म-ए-जहाँ
का
हिसाब
आज
तुम
याद
बे-हिसाब
आए
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
38 Likes
कुछ
नज़र
आता
नहीं
उस
के
तसव्वुर
के
सिवा
हसरत-ए-दीदार
ने
आँखों
को
अंधा
कर
दिया
Haidar Ali Aatish
Send
Download Image
39 Likes
इस
ज़िन्दगी
में
इतनी
फ़राग़त
किसे
नसीब
इतना
न
याद
आ
कि
तुझे
भूल
जाएँ
हम
Ahmad Faraz
Send
Download Image
41 Likes
कभी
तो
कोसते
होंगे
सफ़र
को
कभी
जब
याद
करते
होंगे
घर
को
निकल
पड़ती
हैं
औलादें
कमाने
परिंदे
खोल
ही
लेते
हैं
पर
को
Read Full
Siddharth Saaz
Send
Download Image
56 Likes
ज़रूरत
सब
कराती
है
मोहब्बत
भी
इबादत
भी
नहीं
तो
कौन
बेमतलब
किसी
को
याद
करता
है
Umesh Maurya
Send
Download Image
16 Likes
किस
मुँह
से
करें
उन
के
तग़ाफ़ुल
की
शिकायत
ख़ुद
हम
को
मोहब्बत
का
सबक़
याद
नहीं
है
Hafeez Banarasi
Send
Download Image
27 Likes
दिलों
को
तेरे
तबस्सुम
की
याद
यूँँ
आई
कि
जगमगा
उठें
जिस
तरह
मंदिरों
में
चराग़
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
30 Likes
हम
हार
गए
तुम
जीत
गए
हम
ने
खोया
तुम
ने
पाया
इन
छोटी
छोटी
बातों
का
हम
कोई
ख़याल
नहीं
करते
Wali Aasi
Send
Download Image
40 Likes
ये
तेरे
ख़त
ये
तेरी
ख़ुशबू
ये
तेरे
ख़्वाब-ओ-ख़याल
मता-ए-जाँ
हैं
तेरे
कौल
और
क़सम
की
तरह
गुज़िश्ता
साल
मैंने
इन्हें
गिनकर
रक्खा
था
किसी
ग़रीब
की
जोड़ी
हुई
रक़म
की
तरह
Read Full
Jaun Elia
Send
Download Image
75 Likes
Read More
सिर्फ़
काग़ज़
क़लम
नहीं
साहब
ख़ूं
भी
लगता
है
शा'इरी
के
लिए
Shakir Dehlvi
Send
Download Image
3 Likes
रंग
देखा
जो
उसके
गालों
का
रंग
शरमा
के
हो
गए
पानी
Shakir Dehlvi
Send
Download Image
2 Likes
आसमाँ
जब
ज़मीं
पे
बैठ
गया
जो
जहाँ
था
वहीं
पे
बैठ
गया
कुछ
सितारे
ज़मीं
पे
रौशन
थे
मैं
भी
जाकर
वहीं
पे
बैठ
गया
इक
कबूतर
ख़याल
का
तेरे
उड़
के
आया
जबीं
पे
बैठ
गया
बल्लियों
कूदता
उछलता
दिल
आपकी
इक
नहीं
पे
बैठ
गया
मुफ़्त
में
दे
दिया
मकान-ए-दिल
जब
भरोसा
मकीं
पे
बैठ
गया
Read Full
Shakir Dehlvi
Download Image
0 Likes
झगड़ा
तो
भाइयों
का
हमारे
भी
घर
में
है
लेकिन
कभी
गली
में
तमाशा
नहीं
हुआ
Shakir Dehlvi
Send
Download Image
4 Likes
हम
हैं
उस
दौर
के
'आशिक़
कि
जहाँ
अहल-ए-जुनूँ
दिल
में
दीदार
की
हसरत
लिए
मर
जाते
थे
Shakir Dehlvi
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Qasid Shayari
Aashiq Shayari
Maikada Shayari
Berozgari Shayari
Dil Shayari