dilon ka haal jabeen par likha nahin hota | दिलों का हाल जबीं पर लिखा नहीं होता

  - Shakir Dehlvi
दिलोंकाहालजबींपरलिखानहींहोता
भलाजोदिखताहैअक्सरभलानहींहोता
ख़ुदाकेहोतेहुएसरकशीकायेआलम
मैंसोचताहूँकहींगरख़ुदानहींहोता
कभीकभीतोमेरेसाथयूँँभीहोताहै
मैंक्यूँँख़फ़ाहूँमुझेख़ुदपतानहींहोता
हमारीसोचकीहदहैख़लाओंसेआगे
तुमसेआगेहमेंसोचनानहींहोता
वोदेखताहैमेरीसम्तबसउसीइकपल
जिसएकपलमैंउसेदेखतानहींहोता
कुछऐसारब्तहैदोनोंकेदरमियाँ'शाकिर'
वोदूरहोताहैमुझसेजुदानहींहोता
  - Shakir Dehlvi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy