तेरे संग जो गुज़री वो हसीन गुज़री थी

  - Shaikh Arhan
तेरेसंगजोगुज़रीवोहसीनगुज़रीथी
सचमेंयेअधूरीभीबेहतरीनगुज़रीथी
बेअसरथातबतोयेमेरासर्द-कुन-आला
वोजोरातेंमस्तीमेंदिल-नशीनगुज़रीथी
यूँँबहारेंकहतीथीयेसदागुलिस्ताँकी
कलयहाँसेजोतेरीहम-नशीनगुज़रीथी
मोतियोंसीनूरानीयेचमकतीआँखोंसे
चाँदनीभीउसशबकीकमतरीनगुज़रीथी
लेकेबोसा-ए-आरिज़येलबोंकीलज़्ज़तसे
शर्मसेभरीचुप्पीयूँसमीनगुज़रीथी
मेरीनक़्श-ए-मंज़िलपेतेरीरहनुमाईसे
घूमतीहुईजैसेयेज़मीनगुज़रीथी
बिनतिरेवोसागरकीबहतीयेरवानीकी
जिस्मछूतीयेलहरेंबदतरीनगुज़रीथी
  - Shaikh Arhan
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