dil men rakhta hai na palkon pe bithaata hai mujhe | दिल में रखता है न पलकों पे बिठाता है मुझे

  - Shahryar
दिलमेंरखताहैपलकोंपेबिठाताहैमुझे
फिरभीइकशख़्समेंक्याक्यानज़रआताहैमुझे
रातकावक़्तहैसूरजहैमेराराह-नुमा
देरसेदूरसेयेकौनबुलाताहैमुझे
मेरीइनआँखोंकोख़्वाबोंसेपशेमानीहै
नींदकेनामसेजोहौलसाआताहैमुझे
तेरामुंकिरनहींवक़्तमगरदेखनाहै
बिछड़ेलोगोंसेकहाँकैसेमिलाताहैमुझे
क़िस्सा-ए-दर्दमेंयेबातकहाँसेआई
मैंबहुतहँसताहूँजबकोईसुनाताहैमुझे
  - Shahryar
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