ki zulfo ko gumbad banaake | कि ज़ुल्फों को गुम्बद बनाके

  - Adnan Ali SHAGAF
किज़ुल्फोंकोगुम्बदबनाके
वोचलतीहैबिजलीगिराके
अगरइतनादिलजूहूँमैंतो
मुझेमारदेमुस्कुराके
पतीचाहेजितनाहोसाॅलिड
रखेगीवोबिल्लीबनाके
नसेंकाटकरनामलिखना
सितमहैंयेसारेवफ़ाके
तुझेमैंनहींढूँढ़ताअब
रखाहैजोदिलमेंबसाके
मेराइश्क़झूठानहींहै
मैंरूठाहूँतुझकोमनाके
अगरमेरीउल्फ़तपेशकहै
तोरखलेतूदूल्हाबनाके
तोप्यारइसतरहहोताहैक्या
बदनसेबदनकोमिलाके
तपिशइश्क़कीदेखनीहै
तोदेखोमेरादिलजलाके
  - Adnan Ali SHAGAF
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