dil agar soorat-e-insaan men aa jaayega | दिल अगर सूरत-ए-इंसान में आ जाएगा

  - Adnan Ali SHAGAF
दिलअगरसूरत-ए-इंसानमेंजाएगा
थककेफिरज़ीस्तसेज़िनदानमेंजाएगा
दिल-ए-दरवेशतेरीचाहमेंफिरताजोरहा
आँखमिलतेहीतेरेध्यानमेंजाएगा
रबकीनेमतमेंबहुतखासहैबंदेकीवफ़ा
जिसकोठुकराकेतूनुक़सानमेंजाएगा
यूँँतोबातोंमेंकोईवज़ननहींहैउसके
येअलगबातकिऔज़ानमेंजाएगा
एकलाठीतुझेदीऔरयेनिशानीमूसा
हाथखोलेगातोपहचानमेंजाएगा
तूरहोतेहुएज़ैतूनसेवोहोगानमूद
फिरख़ुदावन्दयूँँफ़ारानमेंजाएगा
इकअजूबाहैतेरीतर्ज़-ए-मसीहाईशगफ़
शे'रफूकेगातोवोजानमेंजाएगा
  - Adnan Ali SHAGAF
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