जब से वो मेहमान हुए हैं

  - Mohit 'Shafaq'
जबसेवोमेहमानहुएहैं
सबलम्हेआसानहुएहैं
सबनेखाईंझूठीक़स
में
सबकेसबहैरानहुएहैं
अरबोंलोगज़मींपरउतरे
सौ-दोसौइंसानहुएहैं
दोलोगोंकीजंगछिड़ीहै
अपनेघरशमशानहुएहैं
लैलामजनूॅंकेबादतोबस
सौरभऔरमुस्कानहुएहैं
बीमारीनेदस्तकदीहै
हमख़ुदकेमेहमानहुएहैं
शहरोंमेंतोलाशेंबिछीहैं
ज़िंदाक़ब्रिस्तानहुएहैं
शफ़क़तेरीतन्हाईकेआगे
हैराॅंरेगिस्तानहुएहैं
  - Mohit 'Shafaq'
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