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Sarul
ye na ho dil men baal kar lena
ye na ho dil men baal kar lena | ये न हो दिल में बाल कर लेना
- Sarul
ये
न
हो
दिल
में
बाल
कर
लेना
नींद
आए
तो
काल
कर
लेना
उसको
कुछ
देर
गर
जवाब
न
दूँ
पागलों
जैसा
हाल
कर
लेना
- Sarul
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दफ़्तर
में
तय
किया
था
कि
तारे
गिनेंगे
आज
लेकिन
हमें
पहुंचते
ही
घर
नींद
आ
गई
Balmohan Pandey
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इश्क़
पहले
बना
था
जाने
जाँ
नींद
की
गोलियाँ
बनीं
थीं
फिर
Ashutosh Kumar "Baagi"
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ख़मोश
झील
के
पानी
में
वो
उदासी
थी
कि
दिल
भी
डूब
गया
रात
माहताब
के
साथ
Rehman Faris
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ये
मुझे
नींद
में
चलने
की
जो
बीमारी
है
मुझ
को
इक
ख़्वाब-सरा
अपनी
तरफ़
खींचती
है
Shahid Zaki
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मैं
सो
रहा
हूँ
तेरे
ख़्वाब
देखने
के
लिए
ये
आरज़ू
है
कि
आँखों
में
रात
रह
जाए
Shakeel Azmi
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कब
ठहरेगा
दर्द
ऐ
दिल
कब
रात
बसर
होगी
सुनते
थे
वो
आएँगे
सुनते
थे
सहर
होगी
Faiz Ahmad Faiz
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ख़्वाब
पलकों
की
हथेली
पे
चुने
रहते
हैं
कौन
जाने
वो
कभी
नींद
चुराने
आए
मुझ
पे
उतरे
मेरे
अल्हाम
की
बारिश
बन
कर
मुझ
को
इक
बूॅंद
समुंदर
में
छुपाने
आए
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Khalil Ur Rehman Qamar
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उसे
यूँँ
चेहरा-चेहरा
ढूँढता
हूँ
वो
जैसे
रात-दिन
सड़कों
पे
होगा
Shariq Kaifi
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नींद
भी
जागती
रही
पूरे
हुए
न
ख़्वाब
भी
सुब्ह
हुई
ज़मीन
पर
रात
ढली
मज़ार
में
Adil Mansuri
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किताबें,
रिसाले
न
अख़बार
पढ़ना
मगर
दिल
को
हर
रात
इक
बार
पढ़ना
Bashir Badr
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हर
ख़ुशी
हर
एक
लम्हा
ग़म
बना
कर
छोड़
दे
एक
बादल
जब
बने
मौसम
बना
कर
छोड़
दे
एक
लड़की
है
कि
जो
खुलकर
कभी
हँसती
नहीं
चश्मे-नम
उसकी
मेरा
हमदम
बना
कर
छोड़
दे
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Sarul
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ये
क्या
चराग़
है
सारी
फ़ज़ा
धुऍं
में
है
चराग़
दो
कोई
जो
रौशनी
भी
देता
हो
Sarul
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ज़िंदगी
कोई
भी
आसान
नहीं
है
प्यारे
तू
भी
इस
बात
से
अनजान
नहीं
है
प्यारे
Sarul
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बोलते
कुछ
तो
ख़ामुशी
के
बाद
कैसा
लगता
है
दिल-लगी
के
बाद
यूँँ
है
लगता
किसी
किसी
के
बाद
घर
नहीं
घर
है
रुख़सती
के
बाद
यूँँ
ही
रहते
हैं
सब
उमीद
में
या
ज़िंदगी
है
भी
ज़िंदगी
के
बाद
उस
सेे
मिलकर
के
हो
गईं
सदियाँ
वो
जो
रहता
है
दो
गली
के
बाद
एक
भूले
हुए
की
याद
में
फिर
दिल
दुखाता
हूँ
मैं
ख़ुशी
के
बाद
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Sarul
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नई
मुश्किल
में
अपना
सर
न
दे
दूँ
कि
चश्म-ए-तर
को
चश्म-ए-तर
न
दे
दूँ
शिकारी
मुझ
सेे
रंजिश
ले
रहे
हैं
परिंदों
को
कहीं
मैं
पर
न
दे
दूँ
बड़े
दिन
से
मुझे
ठुकरा
रही
है
कहीं
अब
मैं
उसे
ठोकर
न
दे
दूँ
तेरी
ख़ातिर
मुझे
डर
लग
रहा
है
मोहब्बत
में
नया
इक
डर
न
दे
दूँ
मुझे
भी
लोग
पत्थर
मारते
हैं
कहीं
मजनूँ
को
भी
पत्थर
न
दे
दूँ
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