hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Sarul
use mile jo mohabbat na de saki mujhko
use mile jo mohabbat na de saki mujhko | उसे मिले जो मोहब्बत न दे सकी मुझको
- Sarul
उसे
मिले
जो
मोहब्बत
न
दे
सकी
मुझको
उसे
मिले
जो
मोहब्बत
में
सबको
मिलता
है
- Sarul
Download Sher Image
जता
दिया
कि
मोहब्बत
में
ग़म
भी
होते
हैं
दिया
गुलाब
तो
काँटे
भी
थे
गुलाब
के
साथ
Rehman Faris
Send
Download Image
34 Likes
कभी
ये
भी
नहीं
पूछा
है
गर्दन
पे
निशाँ
कैसा
हमें
अंधी
मोहब्बत
थी
हमें
अंधा
भरोसा
था
Shayra kirti
Send
Download Image
33 Likes
कहीं
पड़े
न
मोहब्बत
की
मार
होली
में
अदास
प्रेम
करो
दिल
से
प्यार
होली
में
Nazeer Banarasi
Send
Download Image
40 Likes
सुबूत
है
ये
मोहब्बत
की
सादा-लौही
का
जब
उस
ने
वा'दा
किया
हम
ने
ए'तिबार
किया
Josh Malihabadi
Send
Download Image
18 Likes
मुहब्बत
रतजगे
आवारागर्दी
ज़रूरी
काम
सारे
हो
रहे
हैं
Madan Mohan Danish
Send
Download Image
41 Likes
छोड़ो
दुनिया
की
परवाहें,
करो
मोहब्बत
मुश्किल
हों
कितनी
भी
राहें,
करो
मोहब्बत
सुनकर
देखो
सारे
मंदिर
यही
कहेंगे
यही
कहेंगी
सब
दरगाहें,
करो
मोहब्बत
Read Full
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
48 Likes
ये
तू
जो
मोहब्बत
में
सिला
माँग
रहा
है
ऐ
शख़्स
तू
अंदर
से
भिकारी
तो
नहीं
है
Ali Zaryoun
Send
Download Image
71 Likes
किया
बादलों
में
सफ़र
ज़िंदगी
भर
ज़मीं
पर
बनाया
न
घर
ज़िंदगी
भर
सभी
ज़िंदगी
के
मज़े
लूटते
हैं
न
आया
हमें
ये
हुनर
ज़िंदगी
भर
मोहब्बत
रही
चार
दिन
ज़िंदगी
में
रहा
चार
दिन
का
असर
ज़िंदगी
भर
Read Full
Anwar Shaoor
Download Image
92 Likes
प्यार-मोहब्बत
सीधे-सादे
रस्ते
हैं
कोई
इन
पर
चलने
को
तैयार
नहीं
Ashok Rawat
Send
Download Image
22 Likes
मुझ
से
मत
पूछो
के
उस
शख़्स
में
क्या
अच्छा
है
अच्छे
अच्छों
से
मुझे
मेरा
बुरा
अच्छा
है
किस
तरह
मुझ
से
मुहब्बत
में
कोई
जीत
गया
ये
न
कह
देना
के
बिस्तर
में
बड़ा
अच्छा
है
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
559 Likes
Read More
बात
करती
थी
क्या
शराफ़त
से
उसकी
दिलकश
अदा
नदामत
से
फिर
से
उसका
यक़ीन
कर
भी
लिया
बाज़
आता
नहीं
हूँ
आदत
से
थी
शिकायत
मुझे
कि
तन्हा
हूँ
तंग
हूँ
अब
मैं
इस
शिकायत
से
ज़िंदगी
का
रहा
मलाल
बहुत
कुछ
बनाएँगे
अब
मलामत
से
Read Full
Sarul
Download Image
1 Like
नई
मुश्किल
में
अपना
सर
न
दे
दूँ
कि
चश्म-ए-तर
को
चश्म-ए-तर
न
दे
दूँ
शिकारी
मुझ
सेे
रंजिश
ले
रहे
हैं
परिंदों
को
कहीं
मैं
पर
न
दे
दूँ
बड़े
दिन
से
मुझे
ठुकरा
रही
है
कहीं
अब
मैं
उसे
ठोकर
न
दे
दूँ
तेरी
ख़ातिर
मुझे
डर
लग
रहा
है
मोहब्बत
में
नया
इक
डर
न
दे
दूँ
मुझे
भी
लोग
पत्थर
मारते
हैं
कहीं
मजनूँ
को
भी
पत्थर
न
दे
दूँ
Read Full
Sarul
Download Image
1 Like
एक
तितली
ने
इश्क़
कर
कर
के
गुल
की
आदत
ख़राब
कर
दी
है
Sarul
Send
Download Image
2 Likes
इतना
काफ़ी
है
फूल
भेजे
हैं
बाक़ी
तोहफ़े
फ़ुज़ूल
भेजे
हैं
Sarul
Send
Download Image
4 Likes
मेरे
हमराह
थोड़ा
ध्यान
देना
नई
मुश्किल
ज़रा
आसान
देना
Sarul
Send
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Ishq Shayari
Broken Shayari
Ehsaas Shayari
Khat Shayari
Wahshat Shayari