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Sarul
bahut arse talak sehra raha hai
bahut arse talak sehra raha hai | बहुत अरसे तलक सहरा रहा है
- Sarul
बहुत
अरसे
तलक
सहरा
रहा
है
अभी
दरिया
से
मिलने
जा
रहा
है
किसी
से
मिलने
जाने
की
ख़बर
है
क़मीज़ें
क्यूँँ
नई
सिलवा
रहा
है
न
वो
नज़रों
से
ओझल
हो
रहा
है
न
मेरे
दिल
के
भीतर
आ
रहा
है
मुझे
लगने
लगी
है
उसकी
आदत
जो
सारी
आदतें
छुड़वा
रहा
है
मेरी
आँखें
भी
अब
बे-नींद
होंगी
कोई
अपना
सफ़र
में
जा
रहा
है
- Sarul
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इक
और
दरिया
का
सामना
था
'मुनीर'
मुझ
को
मैं
एक
दरिया
के
पार
उतरा
तो
मैंने
देखा
Muneer Niyazi
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मुझ
पर
निगाह-ए-नाज़
का
जब
जादू
चल
गया
मैं
रफ़्ता
रफ़्ता
क़ैस
की
सोहबत
में
ढल
गया
ज़ुल्फें
उन्होंने
खोल
के
बिखराई
थी
शजर
फिर
देखते
ही
देखते
मौसम
बदल
गया
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Shajar Abbas
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चाँद
चेहरा
ज़ुल्फ़
दरिया
बात
ख़ुशबू
दिल
चमन
इक
तुम्हें
दे
कर
ख़ुदा
ने
दे
दिया
क्या
क्या
मुझे
Bashir Badr
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शब
बसर
करनी
है,
महफ़ूज़
ठिकाना
है
कोई
कोई
जंगल
है
यहाँ
पास
में
?
सहरा
है
कोई
?
Umair Najmi
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नए
साल
में
पिछली
नफ़रत
भुला
दें
चलो
अपनी
दुनिया
को
जन्नत
बना
दें
Unknown
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करती
है
तो
करने
दे
हवाओं
को
शरारत
मौसम
का
तकाज़ा
है
कि
बालों
को
खुला
छोड़
Abrar Kashif
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काश
जन्नत
हमें
मिले
ऐसी
हर
तरफ़
आशिक़ाना
मौसम
हो
Amaan Pathan
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दरिया
के
किनारे
पे
मिरी
लाश
पड़ी
थी
और
पानी
की
तह
में
वो
मुझे
ढूँड
रहा
था
Adil Mansuri
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हम
को
मालूम
है
जन्नत
की
हक़ीक़त
लेकिन
दिल
के
ख़ुश
रखने
को
'ग़ालिब'
ये
ख़याल
अच्छा
है
Mirza Ghalib
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शदीद
प्यास
थी
फिर
भी
छुआ
न
पानी
को
मैं
देखता
रहा
दरिया
तिरी
रवानी
को
Shahryar
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किसी
ने
क्या
तुम्हें
धोखा
दिया
है
मेरी
बाँहों
में
भी
घबरा
रहे
हो
Sarul
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ये
क्या
चराग़
है
सारी
फ़ज़ा
धुऍं
में
है
चराग़
दो
कोई
जो
रौशनी
भी
देता
हो
Sarul
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ख़ैर
हालात
बना
सकते
थे
हम
तो
बस
बात
बना
सकते
थे
ज़िंदगी
बन
रही
है
तेरे
सिवा
तेरे
भी
साथ
बना
सकते
थे
जो
तुम्हारे
लिए
कही
है
ग़ज़ल
हम
उसे
नात
बना
सकते
थे
तुम
ने
सहरा
बना
लिया
था
हमें
तुम
तो
बरसात
बना
सकते
थे
पूरी
तस्वीर
मुकम्मल
न
सही
हाथ
में
हाथ
बना
सकते
थे
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Sarul
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नहीं
ज़रूरी
परिंदा
है
तो
क़फ़स
में
रहे
रहे
कि
जैसे
कोई
शख़्स
दस्तरस
में
रहे
Sarul
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तुमको
हमीं
से
चाहिए
तफ़सीले-वारदात
ज़ालिम
से
भी
तो
कोई
जवाबात
माँगिए
Sarul
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