किसेख़बरथीकिइसकोभीटूटजानाथा
हमाराआपसेरिश्ताबहुतपुरानाथा
हमअपनेशहरसहोकरउदासआएथे
तुम्हारेशहरसहोकरउदासजानाथा
सदालगाईमगरकोईभीनहींपल्टा
हरएकशख़्सनजानेकहाँरवानाथा
यूँँचुपहुआकिफिरआँखेंहीडबडबाउट्ठीं
नजानेउसकोअभीऔरक्याबतानाथा
किसेपड़ीथीमिराहालपूछतामुझसे
मुझेतोरस्मनिभानीथीमुस्कुरानाथा
भनकनजानेयेकैसेलगीहवाओंको
किमुझकोराहगुज़रपरदियाजलानाथा
छुपीथीइसमेंहीतम्हीदभीजुदाईकी
हमाराआपसेमिलनातोइकबहानाथा
तुझेख़बरहीनहींमेरेजीतनेवाले
तिरेलिएतोहमेशाहीहारजानाथा
निगाह-ए-शौक़सेयूँँग़ैरकोतिरातकना
'नवाज़'औरनहींकुछमुझेसतानाथा