शहरभरकेआइनोंपरख़ाकडालीजाएगी
आजफिरसच्चाईकीसूरतछुपालीजाएगी
उसकीआँखोंमेंलपकतीआगहैबेहदशदीद
सोचताहूँयेक़यामतकैसेटालीजाएगी
मुश्तइ'लकरदेगाउसकोइकज़रासाएहतिजाज
मुझपेक्यागुज़रीहैइसपरख़ाकडालीजाएगी
क़ैदकाएहसासभीहोगानहमकोदोस्तो
यूँँहमारेपाँवमेंज़ंजीरडालीजाएगी
ऐमोहब्बतलफ़्ज़बनकरइतनीसंजीदानहो
एकदिनतूभीकिताबोंसेनिकालीजाएगी
शर्मसेख़ुर्शीदअपनामुँहछुपालेगाकहीं
रोज़-ए-रौशनमेंभी'दानिश'रातढालीजाएगी