बदनचुरातेहुएरूहमेंसमायाकर
मैंअपनीधूपमेंसोयाहुआहूँसायाकर
येऔरबातकिदिलमेंघनाअँधेराहै
मगरज़बानसेतोचाँदनीलुटायाकर
छुपाहुआहैतिरीआजिज़ीकेतरकशमें
अनाकेतीरइसीज़हरमेंबुझायाकर
कोईसबीलकिप्यासेपनाहमाँगतेहैं
सफ़रकीराहमेंपरछाइयाँबिछायाकर
ख़ुदाकेवास्तेमौक़ानदेशिकायतका
किदोस्तीकीतरहदुश्मनीनिभायाकर
अजबहुआकिगिरहपड़गईमोहब्बतमें
जोहोसकेतोजुदाईमेंरासआयाकर
नएचराग़जलायादकेख़राबेमें
वतनमेंरातसहीरौशनीमनायाकर