ek sad | एक सद

  - Sapna Moolchandani
एकसद
मेंसेहरदिनउभरतीरही
रोज़जीतीरहीरोज़मरतीरही
जिसकोपानाहीमुमकिननहींथाकभी
'उम्र-भरउसकोखोनेसेडरतीरही
सीढ़ियाँकामयाबीकीचढ़तेहुए
मैंबहुतसेदिलोंसेउतरतीरही
दूसरोंकोमैंमरहमलगातेहुए
अपनेदिलपरलगेज़ख़्मभरतीरही
इश्क़करनाकिसीऔरकाकामथा
मैंकिसीऔरकाकामकरतीरही
मुझकोपोशीदारखनीथीसादा-दिली
सोमैंहुलिएसेबनतीसँवरतीरही
इश्क़मुझकोभीहोनेलगाथामगर
मैंज़मानेकेडरसेमुकरतीरही
इश्क़कहनेकोदोनोंतरफ़थामगर
वोसिमटतागयामैंबिखरतीरही
  - Sapna Moolchandani
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