ki pyaase ko samandar dik raha hai | कि प्यासे को समुंदर दिख रहा है

  - Sanskar 'Sanam'
किप्यासेकोसमुंदरदिखरहाहै
येक्यूँशहरोंमेंलश्करदिखरहाहै
मैंउसकोजानअपनीमानताथा
परअबउसकाभीतेवरदिखरहाहै
येसबनेताजोजनतासेबनेहैं
उन्हेंजनतामेंनौकरदिखरहाहै
हैवोअपनेअहममेंचूरऐसा
उसेहरशख़्सकमतरदिखरहाहै
थकाहारावोदफ़्तरसेहैआया
उसेतोबसवोबिस्तरदिखरहाहै
किगौरीनेजोदर्पनमेंहैदेखा
उसेतोख़ुदमेंशंकरदिखरहाहै
  - Sanskar 'Sanam'
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