किअदाओंपरतेरीमैंएककिताबलिखूँगा
तेरीइनआँखोंकोअंगूरीशराबलिखूँगा
रुख़सार,जबींहरबारनज़रखींचेअपनीओर
मैंतिलकोनुक़्ताबिंदीकोमहताबलिखूँगा
नागिनसीजुल्फ़ेंतेरीलटकेउनपरगजरा
मुखकोमह-पारा,गेसूकोनायाबलिखूँगा
ग़ुस्सेमेंतनकरजबतुमभौहेंमटकातीहो
तुम्हारीइसआदतकोख़ुदपेरुआबलिखूँगा
जिसकीता'बीरलबोंपेतबस्सुमलेकरआए
जानाँतुमकोहररोज़सुहानाख़्वाबलिखूँगा
किझलकभरसेलोगोंकीआँखेंचौंधियाजाती
मैंइसलिएतुमकोहुस्न-ए-'आलम-ताबलिखूँगा
'सैंडी'पढ़करग़ज़लेंपाठकतस्वीरबनादे
सफ़्हा-दर-सफ़्हारंगीनी-ए-शबाबलिखूँगा