hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Sandeep dabral 'sendy'
marne ke dar se jeena chhod nahin sakte ham
marne ke dar se jeena chhod nahin sakte ham | मरने के डर से जीना छोड़ नहीं सकते हम
- Sandeep dabral 'sendy'
मरने
के
डर
से
जीना
छोड़
नहीं
सकते
हम
ज़िम्मेदारी
से
अब
मुख
मोड़
नहीं
सकते
हम
- Sandeep dabral 'sendy'
Download Sher Image
राम
होने
में
या
रावण
में
है
अंतर
इतना
एक
दुनिया
को
ख़ुशी
दूसरा
ग़म
देता
है
हम
ने
रावण
को
बरस
दर
बरस
जलाया
है
कौन
है
वो
जो
इसे
फिर
से
जनम
देता
है
Read Full
Kumar Vishwas
Send
Download Image
90 Likes
मैं
बार
बार
तुझे
देखता
हूॅं
इस
डर
से
कि
पिछली
बार
का
देखा
हुआ
ख़राब
न
हो
Shaheen Abbas
Send
Download Image
36 Likes
हर
इक
सू
हैं
दर-ओ-दीवार
लेकिन
मुयस्सर
है
नहीं
घर-बार
लेकिन
Umrez Ali Haider
Send
Download Image
2 Likes
मैं
कैसे
मान
लूँ
कि
इश्क़
बस
इक
बार
होता
है
तुझे
जितनी
दफ़ा
देखूँ
मुझे
हर
बार
होता
है
तुझे
पाने
की
हसरत
और
डर
ना-कामियाबी
का
इन्हीं
दो
तीन
बातों
से
ये
दिल
दो
चार
होता
है
Read Full
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
46 Likes
तो
क्या
उसको
मैं
होंठों
से
बजाऊँ
तिरे
दर
पे
जो
घंटी
लग
गई
है
चराग़
उसने
मिरे
लौटा
दिए
हैं
अब
उसके
घर
में
बिजली
लग
गई
है
Read Full
Fahmi Badayuni
Send
Download Image
45 Likes
तुम
पर
इक
दिन
मरते
मरते
मर
जाना
है,
दीवाने
को
कहाँ
ख़बर
है
घर
जाना
है
एक
शब्द
तुमको
अंधेरे
का
ख़ौफ़
दिलाकर,
बाद
में
ख़ुद
भी
जान
बूझकर
डर
जाना
है
Read Full
Vishal Singh Tabish
Send
Download Image
54 Likes
रातें
किसी
याद
में
कटती
हैं
और
दिन
दफ़्तर
खा
जाता
है
दिल
जीने
पर
माएल
होता
है
तो
मौत
का
डर
खा
जाता
है
सच
पूछो
तो
'तहज़ीब
हाफ़ी'
मैं
ऐसे
दोस्त
से
आज़िज़
हूँ
मिलता
है
तो
बात
नहीं
करता
और
फोन
पे
सर
खा
जाता
है
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
305 Likes
दिल
को
तेरी
चाहत
पे
भरोसा
भी
बहुत
है
और
तुझ
से
बिछड़
जाने
का
डर
भी
नहीं
जाता
Ahmad Faraz
Send
Download Image
82 Likes
उसे
ज़ियादा
ज़रूरत
थी
घर
बसाने
की
वो
आ
के
मेरे
दर-ओ-बाम
ले
गया
मुझ
से
Farhat Abbas Shah
Send
Download Image
31 Likes
मैं
न
कहता
था
हिज्र
कुछ
भी
नहीं
ख़ुद
को
हलकान
कर
रही
थी
तुम
कितने
आराम
से
हैं
हम
दोनों
देखा
बेकार
डर
रही
थी
तुम
Read Full
Mehshar Afridi
Send
Download Image
59 Likes
Read More
देखना
है
गाँव
गर
तो
आँख
भर
के
देख
लो
गाँव
के
घरों
को
एक
दिन
ठहर
के
देख
लो
शहर
के
नज़ारे
सब
के
सब
दिखेंगे
फीके,
बस
इक
दफ़ा
नज़ारे
गाँव
में
सहर
के
देख
लो
Read Full
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
0 Likes
देखो
क्या
क्या
कर
जाते
हैं
लड़के
याँ
सरहद
पर
मर
जाते
हैं
लड़के
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
0 Likes
शे'र
ग़ज़ल
गढ़ना
है
काम
मियाँ
पानी
लिखना
पानी
पर
रात
उला
खाए
तो
दिन
गुज़रे
मतला,
मक़ता,
सानी
पर
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
0 Likes
कि
मियाँ
शक्कर
की
लज़्ज़त
भी
तब
से
फीकी
लगती
है
जब
से
चूमा
है
उनके
शीरीं
से
अधरों
को
हमने
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
0 Likes
चाह
रक़ीब
यहाँ
रखते
हैं
अब
उसके
लब
की
मैं
तो
केवल
भूखा
था
उसकी
पेशानी
का
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Waqt Shayari
Mahatma Gandhi Shayari
Khuddari Shayari
Haya Shayari
Protest Shayari