hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Sandeep dabral 'sendy'
keval itni si inaayat ho jaa.e
keval itni si inaayat ho jaa.e | केवल इतनी सी इनायत हो जाए
- Sandeep dabral 'sendy'
केवल
इतनी
सी
इनायत
हो
जाए
याँ
उसको
मेरी
आदत
हो
जाए
होने
को
तो
हो
सकता
है
कुछ
भी
पर
उसको
मुझ
सेे
मुहब्बत
हो
जाए
- Sandeep dabral 'sendy'
Download Sher Image
ऐ
मौज-ए-हवादिस
तुझे
मालूम
नहीं
क्या
हम
अहल-ए-मोहब्बत
हैं
फ़ना
हो
नहीं
सकते
Asad Bhopali
Send
Download Image
23 Likes
मैं
उस
से
भीख
माँगूं
तो
मोहब्बत
मिल
भी
सकती
है
मगर
कहती
है
ख़ुद्दारी
मोहब्बत
भीख
की
और
तू
Shadab Asghar
Send
Download Image
4 Likes
ये
मोहब्बत
भी
किन
दिनों
में
हुई
दिल
मिलाने
थे
हाथ
से
भी
गए
Kafeel Rana
Send
Download Image
35 Likes
सुबूत
है
ये
मोहब्बत
की
सादा-लौही
का
जब
उस
ने
वा'दा
किया
हम
ने
ए'तिबार
किया
Josh Malihabadi
Send
Download Image
18 Likes
इस
त'अल्लुक़
में
नहीं
मुमकिन
तलाक़
ये
मोहब्बत
है
कोई
शादी
नहीं
Anwar Shaoor
Send
Download Image
38 Likes
दिल
में
न
हो
जुरअत
तो
मोहब्बत
नहीं
मिलती
ख़ैरात
में
इतनी
बड़ी
दौलत
नहीं
मिलती
Nida Fazli
Send
Download Image
34 Likes
वो
लोग
हम
ही
थे
मुहब्बत
में
जो
फिर
आगे
हुए
वो
लोग
हम
ही
थे
मियाँ
जो
दूर
भागे
जिस्म
से
Kartik tripathi
Send
Download Image
7 Likes
तुम्हारा
नाम
लिया
था
कभी
मोहब्बत
से
मिठास
उस
की
अभी
तक
मेरी
ज़बान
में
है
Abbas Dana
Send
Download Image
29 Likes
दिल
जिसका
मोहब्बत
में
गिरफ़्तार
रहा
है
वो
मेरी
मदद
के
लिए
तैयार
रहा
है
आग़ाज़-ए-मोहब्बत
का
फ़साना
भी
था
दिलचस्प
बर्बादी
का
क़िस्सा
भी
मज़ेदार
रहा
है
Read Full
Obaid Azam Azmi
Send
Download Image
29 Likes
ये
कहना
था
उन
से
मोहब्बत
है
मुझ
को
ये
कहने
में
मुझ
को
ज़माने
लगे
हैं
Khumar Barabankvi
Send
Download Image
100 Likes
Read More
है
शौक़
नहीं
हमको
ख़ुद
को
शा'इर
कहलाने
का
ये
शे'र,
ग़ज़ल
तो
बस
धंधा
है
दिल
बहलाने
का
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
0 Likes
जिस
किसी
ने
भी
देखा
उसे
देखता
रह
गया
एक
गुल
के
लिए
कितने
ही
बाग़बाँ
हो
गए
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
0 Likes
मैं
यहाँ
आ
के
हूँ
देख
बे-दम
हूँ
न
मैं
ज़ी-नफ़स
हूँ
मरे
सम
जिस
पे
जाने
से
सब
रोकते
थे
अब
उसी
राह
पर
चल
पड़े
हम
था
सुना
जो
नहीं
ऐसा
कुछ
भी
कौन
से
लोक
में
आ
गए
हम
शाद
नाराज़
है
इस-क़दर
यार
साथ
मेरे
यहाँ
चल
रहे
ग़म
ग़ैर
चारों
तरफ़
हैं
यहाँ
देख
अपने
मुझको
नज़र
आ
रहे
कम
ठंड
से
पूस
की
रात
में
देख
अब
मेरे
हाथ
और
पा
रहे
जम
भूख
से
मर
रहे
सब
तड़प
के
अब
मेरी
आँखों
में
छा
रहे
तम
गाँव
को
छोड़ना
है
सरल
पर
शहर
में
तो
निकल
अब
रहे
दम
यार
'सैंडी'
मुझे
गाँव
पहुँचा
पास
मुझको
नज़र
आ
रहे
यम
Read Full
Sandeep dabral 'sendy'
Download Image
1 Like
सबकी
ज़बाँ
पे
सब
सेे
प्यारा
होता
है
अच्छा
शे'र
यहाँ
आवारा
होता
है
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
0 Likes
अच्छे
ख़ासे
सत्ता
के
गलियारों
में
दागी
हो
जाते
हैं
कुर्सी
की
ख़ातिर
अपनों
के
ही
तेवर
बाग़ी
हो
जाते
हैं
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
5 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Shadi Shayari
Narazgi Shayari
Gussa Shayari
Khamoshi Shayari
Khoon Shayari