ek roz ham bhi yaa kuchh kamaal likkhenge | एक रोज़ हम भी याँ कुछ कमाल लिक्खेंगे

  - Sandeep dabral 'sendy'
एकरोज़हमभीयाँकुछकमाललिक्खेंगे
क़ब्लक़ब्लउलफ़तकीजबमिसाललिक्खेंगे
इकतरफ़लिखेंगेहमख़ूबसूरतीजगकी
इकतरफ़तुम्हारेलबऔरगाललिक्खेंगे
एकझटकेमेंजिस
मेंसबहीकुछसमाजाए
आँखोंकोतुम्हारीहमभीमताललिक्खेंगे
वक़्तकोभीलिक्खेंगेहमहिसाबसेअपने
हिज्रकेदिनोंकोहमसालोंसाललिक्खेंगे
लोगलिखतेहैंअक्सरदूरीदरमियाँसबके
दरमियाँधरानभकेहमविसाललिक्खेंगे
जिसकोदेखतमकामुखपीलापड़नेलगजाए
हमतुम्हारेचेहरेकोयाँउजाललिक्खेंगे
लबख़मोशरहतेहैंआँखेंबातकरतीहैं
इश्क़काअनोखायाँयेमक़ाललिक्खेंगे
सोचतेहीहोंठोंपरइबतिसामछाजाए
तुमकोहमयहाँऐसाइकख़याललिक्खेंगे
  - Sandeep dabral 'sendy'
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