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Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"
dhoka hona qatl hona baad uske bhi bahut kuchh
dhoka hona qatl hona baad uske bhi bahut kuchh | धोका होना, क़त्ल होना बाद उसके भी बहुत कुछ
- Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"
धोका
होना,
क़त्ल
होना
बाद
उसके
भी
बहुत
कुछ
अब
तुम्हें
हम
क्या
बताएँ
इश्क़
में
क्या
क्या
हुआ
है
- Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"
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सोच
कर
पाँव
डालना
इस
में
इश्क़
दरिया
नहीं
है
दलदल
है
Renu Nayyar
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राह-ए-दूर-ए-इश्क़
में
रोता
है
क्या
आगे
आगे
देखिए
होता
है
क्या
Meer Taqi Meer
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तू
मोहब्बत
नहीं
समझती
है
हम
भी
अपनी
अना
में
जलते
हैं
इस
दफा
बंदिशें
ज़ियादा
हैं
छोड़
अगले
जनम
में
मिलते
हैं
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Ritesh Rajwada
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जनाज़े
पर
मेरे
लिख
देना
यारों
मोहब्बत
करने
वाला
जा
रहा
है
Rahat Indori
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कोई
पागल
ही
मोहब्बत
से
नवाज़ेगा
मुझे
आप
तो
ख़ैर
समझदार
नज़र
आते
हैं
Zubair Ali Tabish
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शहर-वालों
की
मोहब्बत
का
मैं
क़ायल
हूँ
मगर
मैंने
जिस
हाथ
को
चूमा
वही
ख़ंजर
निकला
Ahmad Faraz
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इश्क़
में
ये
दावा
तो
नईं
है
मैं
ही
अव्वल
आऊँगा
लेकिन
इतना
कह
सकता
हूँ
अच्छे
नंबर
लाऊँगा
Zubair Ali Tabish
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मैं
सात
साल
से
अब
तक
हिसार-ए-इश्क़
में
हूँ
वो
शख़्स
आज
भी
मेरे
दिल-ओ-दिमाग़
में
है
Amaan Haider
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इश्क़
को
पूछता
नहीं
कोई
हुस्न
का
एहतिराम
होता
है
Asrar Ul Haq Majaz
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सुने
हैं
मोहब्बत
के
चर्चे
बहुत
सुना
है
कि
हैं
इस
में
ख़र्चे
बहुत
नतीजे
मोहब्बत
के
आए
नहीं
भरे
थे
मगर
हम
ने
पर्चे
बहुत
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S M Afzal Imam
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अब
तू
मेरे
निशाने
पर
भी
है
फिर
ये
दिल
आज़माने
पर
भी
है
बैठा
हूँ
कबसे
मैं
किनारे
पर
अब
ये
दरिया
डुबाने
पर
भी
है
जा
चुकी
जो
रक़ीब
के
जानिब
याद
उसकी
फिर
आने
पर
भी
है
रोना
दस्तूर
है
मुहब्बत
में
इश्क़
ज़ालिम
रुलाने
पर
भी
है
क्या
कहूँ
यार
मिलने
का
उन
सेे
गांव
वापस
जो
जाने
पर
भी
है
और
कई
किस्से
है
मुहब्बत
के
दिल
नया
कुछ
सुनाने
पर
भी
है
मय-कशी
शौक़
है
नवाबों
का
आज
काफ़िर
पिलाने
पर
भी
है
खेल
अच्छी
रहे
"शफ़क़"
बाजी
जीत
अब
दम
लगाने
पर
भी
है
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Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"
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जो
ज़र,
फल
न
दे
पाए
वो
छांव
देंगे
न
काटो
दरख़्तों
को
आँगन
से
लोगों
वसीयत
को
रखते
हो
जैसे
सँभाले
सँभालो
दरख़्तों
को
भी
वैसे
लोगों
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Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"
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यूँँ
तो
है
कई
रिश्ते
कायनात
में,
लेकिन
दोस्ती
ख़ुदा
ने
नायाब
ख़ुद
बनाई
है
Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"
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इमारतों
से
शहर
भर
गया
है
अब
न
बच
सका
कोई
भी
इंसाँ
शहर
में
Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"
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अब
न
मिलना
"शफ़क़"
तू
भी
उस
सेे
वो
दगा
तुझ
सेे
करने
पर
भी
है
Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"
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