रंज-ओ-ग़म से ही रही अपनी शनासाई भी

  - Sana Hashmi
रंज-ओ-ग़मसेहीरहीअपनीशनासाईभी
हौसलोंकीहुईहैख़त्मतवानाईभी
जिनवफ़ादारोंनेधोखेहीफ़क़तखाएथे
उनकोहीमिलतीरहीज़िल्लत-ए-रुस्वाईभी
बेवफ़ाओंकेहीदीवानेबनेंहैं''आशिक़
मिलगईख़ाकमेंकिरदारकीज़ेबाईभी
देखनाबोलनालगताहैफ़िज़ूलअबमुझको
छिनगईकुव्वत-ए-बीनाईभीगोयाईभी
झाँककरदेखतीहूँशोरमेंअपनेअंदर
मैंतमन्नाईभीहूँऔरतमाशाईभी
मकड़ीकेजालसेकमज़ोरसहारेहैंसभी
इनकेबसमेंकहाँहैकरनामसीहाईभी
मैंतोअपनोंसेमज़म्मतभीनहींकरपाई
औरसितमकरतेरहेमुझपेयेहरजाईभी
ज़ख़्मइसदिलकेमुहब्बतहीभरेगीलेकिन
हमसेेहोनेकीनहींइसकीपज़ीराईभी
अपनीदिलजोईकोअबकोईआएगासना
अच्छीअबलगनेलगीहैहमेंतन्हाईभी
  - Sana Hashmi
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