lahu se apne hi zaKHmon ko dhona padta hai | लहू से अपने ही ज़ख़्मों को धोना पड़ता है

  - Sana Hashmi
लहूसेअपनेहीज़ख़्मोंकोधोनापड़ताहै
ख़ुदअपनेदर्दकोदिलमेंसमोनापड़ताहै
हमेंकिसीकिसीकातोहोनापड़ताहै
बक़ाकीजंगमेंहरशयकोखोनापड़ताहै
कभीख़ुशीसेकभीमस्लिहतकीख़ातिरभी
किसीकेहाथकाबननाखिलौनापड़ताहै
चटखरहीहैयेदीवारज़ब्तकीअबतो
दरारभरतेहुएख़ूबरोनापड़ताहै
सियाहीआँसुओंकीछपजाएआरिज़पर
कईदफ़ाहमेंचेहराभिगोनापड़ताहै
लिपटनेलगतीहैंजबयादेंजिस्मसेउसकी
तोतकियाभींचकेबाहोंमेंसोनापड़ताहै
मज़ारबनचुकाहोख़्वाहिशोंकाजबख़ुदमें
हमेंफिरऐसेजनाज़ोंकोढोनापड़ताहै
मैंचाहतीहूँनईनस्लदेदु'आमुझको
उन्हींकेवास्तेकुछअच्छाबोनापड़ताहै
सनायेशे'रअसरदारतबहीबनतेहैं
हरएकहर्फ़मेंजज़्बापिरोनापड़ताहै
  - Sana Hashmi
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