फ़ितरतन ही मैं जी हुज़ूर नहीं

  - Sana Hashmi
फ़ितरतनहीमैंजीहुज़ूरनहीं
मेराइस
मेंकोईक़ुसूरनहीं
बे-हयाईमेंकोईनूरनहीं
हुस्नआलावहीजोऊरनहीं
ज़िंदगीपुर-वक़ारगुज़रेगी
मुझमेंग़ैरतहैपरग़ुरूरनहीं
चलना-रुकनाहुआमुहालमगर
हौसलेफिरभीचूरचूरनहीं
मेरेख़द्शेसभीदुरुस्तहुए
लोगसमझेमुझेशुऊरनहीं
ग़फ़लतोंकेसबबजोबहकेथे
रबसेहरगिज़हुएवोदूरनहीं
दिखतेआसारहैंक़यामतके
दूरअबतोसनानुशूरनहीं
  - Sana Hashmi
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