मेरे दिल की हसरतों से ये कलाम लिख रहा हूँ

  - Sameer Khan
मेरेदिलकीहसरतोंसेयेकलामलिखरहाहूँ
येग़ज़लकाशे'रपहलातेरेनामलिखरहाहूँ
तेरीयादजबसताएमुझेनींदफिरनाआए
मेरेदिलकीबातसुनलेयेपयामलिखरहाहूँ
तेरेहोंठहैंगुलाबीतेरीआँखशरबतीहै
मुझेआँखोंसेपिलादेमैंयेजामलिखरहाहूँ
तुहीमेरीआरज़ूहैमुझेतेरीजुस्तुजूहै
मेरीसुब्हभीतुहीहैतुझेशामलिखरहाहूँ
मेरीदास्तान-ए-हसरतवोजोसुनकेहँसरहेहैं
वोभीइश्क़करकेदेखेंमैंतमामलिखरहाहूँ
  - Sameer Khan
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