hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
salman khan "samar"
chandan ko maathe pe laga ke baithi hai
chandan ko maathe pe laga ke baithi hai | चंदन को माथे पे लगा के बैठी है
- salman khan "samar"
चंदन
को
माथे
पे
लगा
के
बैठी
है
चेहरे
पे
मुस्कान
रखा
के
बैठी
है
एक
सहेली
है
मेरी
जो
कि
आजकल
अपने
कृष्ण
से
नैन
लड़ा
के
बैठी
है
- salman khan "samar"
Download Sher Image
कब
बार-ए-तबस्सुम
मिरे
होंटों
से
उठेगा
ये
बोझ
भी
लगता
है
उठाएगा
कोई
और
Aanis Moin
Send
Download Image
29 Likes
तूने
देखी
है
वो
पेशानी
वो
रुख़्सार
वो
होंठ
ज़िंदगी
जिनके
तसव्वुर
में
लुटा
दी
हमने
तुझपे
उठी
हैं
वो
खोई
हुई
साहिर
आँखें
तुझको
मालूम
है
क्यूँ
उम्र
गंवा
दी
हमने
Read Full
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
58 Likes
छुआ
था
होंठ
से
बस
होंठ
को
ही
गुलाबी
हो
गया
क्यूँ
जिस्म
सारा
Ashish Awasthi
Send
Download Image
4 Likes
चेहरा
देखें
तेरे
होंट
और
पलकें
देखें
दिल
पे
आँखें
रक्खें
तेरी
साँसें
देखें
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
69 Likes
तुम्हारे
पास
आते
हैं
तो
साँसें
भीग
जाती
हैं
मोहब्बत
इतनी
मिलती
है
कि
आँखें
भीग
जाती
हैं
तबस्सुम
इत्र
जैसा
है
हँसी
बरसात
जैसी
है
वो
जब
भी
बात
करती
है
तो
बातें
भीग
जाती
हैं
Read Full
Aalok Shrivastav
Send
Download Image
50 Likes
उस
के
होंटों
पे
रख
के
होंट
अपने
बात
ही
हम
तमाम
कर
रहे
हैं
Jaun Elia
Send
Download Image
127 Likes
गुलाबी
होंट
भी
नज़दीक
थे
पर,
हमारे
होंट
ने
माथा
छुआ
था
हमारी
प्यास
भी
सब
सेे
अलग
थी,
हमारा
ज़ब्त
भी
सब
सेे
जुदा
था
Satya Prakash Soni
Send
Download Image
29 Likes
ज़िक्र
तबस्सुम
का
आते
ही
लगते
हैं
इतराने
लोग
और
ज़रा
सी
ठेस
लगी
तो
जा
पहुँचे
मयख़ाने
लोग
Ateeq Allahabadi
Send
Download Image
37 Likes
इस
क़दर
हम
ख़ुश
रखेंगे
आपको
ससुराल
में
आपको
महसूस
होगा
जी
रहे
ननिहाल
में
दो
गुलाबों
की
तरह
है
दो
चमेली
की
तरह
फ़र्क़
बस
इतना
तुम्हारे
होंठ
में
और
गाल
में
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
24 Likes
मैं
जिसे
प्यार
का
अंदाज़
समझ
बैठा
हूँ
वो
तबस्सुम
वो
तकल्लुम
तिरी
आदत
ही
न
हो
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
29 Likes
Read More
दुनिया
के
उसूलों
से
टकराते
चले
जाओ
जीवन
हो
भला
जैसा
मुस्काते
चले
जाओ
salman khan "samar"
Send
Download Image
0 Likes
तस्वीरें
धुँधली
हो
जाने
से
यादें
थोड़ी
धुँधली
होती
हैं
salman khan "samar"
Send
Download Image
0 Likes
पूरी
उम्मत
में
कोई
उसके
बराबर
का
नहीं
मुस्कुराने
का
हुनर
जिसका
जहाँ
से
हो
अलग
salman khan "samar"
Send
Download Image
0 Likes
क्यूँँ
सवालात
चार
करता
हूँ
जब
कभी
ख़ुद
से
प्यार
करता
हूँ
लोग
अक्सर
वो
देर
से
आए
जिनका
मैं
इन्तिज़ार
करता
हूँ
Read Full
salman khan "samar"
Send
Download Image
1 Like
हमने
खा
के
ठोकर
ये
जाना
है
हर
कोई
दुनिया
में
बेगाना
है
कहने
को
है
सब
इक
थाली
में
पर
हम
सब
का
अपना
अपना
खाना
है
आख़िर
घर
से
कब
तक
मुँह
मोड़ोगे
जाने
वाले
को
वापिस
आना
है
आँखों
में
आँसू
ले
कर
बैठे
हो
शायद
तुमने
सब
को
रब
माना
है
Read Full
salman khan "samar"
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Bekhayali Shayari
Protest Shayari
Aangan Shayari
Pandemic Shayari
Eid Shayari