palken jhuka ke koii ishaara to keejie | पलकें झुका के कोई इशारा तो कीजिए

  - salman khan "samar"
पलकेंझुकाकेकोईइशारातोकीजिए
इकबारमेरेसामनेआँखोंकोखोलिए
समझाबुझाकेमुझकोयूँँवापिसभेजिए
आयाहूँउनकेदरपेसोमिलनेतोदीजिए
बरसोंकेबादआपसेग़ुस्साहुएहैंहम
कुछऔरदिनहमेंअभीनाराज़छोड़िए
उलझेहुएहीठीकहैगेसूघनेघने
सुलझाकेइनकीरौनकेंकमतरकीजिए
बसबोलिएजोमनमेंहैसुनतेरहेंगेहम
ख़ामोशरहकेहमसेत'अल्लुक़तोड़िए
आवारगीनेमुझकोनईज़िंदगीहैदी
आवारगीकोछोड़दूँऐसेबोलिए
टूटाहुआपड़ाहूँकिसीकाँचकीतरह
मुझकोसमेटनेकेलिएसब्रचाहिए
दाईंतरफ़खड़ाहूँमगरदोक़दमहूँदूर
ज़हमतउठाकेथोड़ानिगाहोंकोमोड़िए
सीधाशरीफ़आदमीबर्बादहैयहाँ
टेढ़ा'समर'ज़रासामुझेहोनेदीजिए
  - salman khan "samar"
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