ghairat ko apni maar ke baitha hua hooñ main | ग़ैरत को अपनी मार के बैठा हुआ हूँ मैं

  - salman khan "samar"
ग़ैरतकोअपनीमारकेबैठाहुआहूँमैं
सरकोझुकाकेआपकेआगेखड़ाहूँमैं
अख़लाक़मेरेकाममेंआएँकभीमिरे
येसोचकरनसीबसेलड़तारहाहूँमैं
कहनेकोलाखलोगहैसाथीमिरेमगर
दुनियामेंएकशख़्सकीदुनियाबनाहूँमैं
वोपूछतीहैंहालमिराइसतरहसेअब
जैसेउसीकेअपनेसवालातसाहूँमैं
हसरतसेदेखलोमुझेकुछऔरपल'समर'
मुद्दतकेबादतुमकोनज़रगयाहूँमैं
  - salman khan "samar"
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy