farz kaamon kii tarah tujhko ata karta hooñ | फ़र्ज़ कामों की तरह तुझको अता करता हूँ

  - salman khan "samar"
फ़र्ज़कामोंकीतरहतुझकोअताकरताहूँ
मैंनमाज़ोंमेंतिरानामजपाकरताहूँ
मैंउसूलोंकीइमारतसेबनाहूँआख़िर
शौक़दुनियासेज़राहटकेरखाकरताहूँ
क़ीमतीचीज़ज़मींपरगिरेअच्छातोनहीं
उसकेअश्कोंकोहथेलीमेंलियाकरताहूँ
जिसकोताबीज़बनाकरकेज़मानापहने
उसकीतस्वीरनिगाहोंमेंरखाकरताहूँ
ख़ुदाडालदेझोलीमेंमिरेउसकोतू
जिसकेख़ातिरमैंतहज्जुदभीपढ़ाकरताहूँ
मुझकोदुनियाकीकिसीशयसेमोहब्बतहीनहीं
तेरीहसरतकेलिएरबसेलड़ाकरताहूँ
मैंफ़क़ततुझसेेमुलाक़ातकेख़ातिरहीतो
दाहिनीओरसड़ककेभीचलाकरताहूँ
बालकटवाके'समर'यूँँतोक़यामतहूँमैं
लंबेबालोंमेंमगरख़ूबजँचाकरताहूँ
  - salman khan "samar"
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