apni duniya ko gunaahon se bacha rakkha hai | अपनी दुनिया को गुनाहों से बचा रक्खा है

  - salman khan "samar"
अपनीदुनियाकोगुनाहोंसेबचारक्खाहै
ख़ुदकोमाँबापकेपाँवमेंबिछारक्खाहै
कितनेअनजानबनेफिरतेहैंदुनियावाले
जैसेचेहरोंकोमुखौटोंसेछुपारक्खाहै
दूरपरदेसमेंजाकरमैंबसाहूँलेकिन
घरकीदहलीज़कोधड़कनमेंबसारक्खाहै
मुस्कुरानेकीवजहमुझसेेपूछोयारो
मैंनेपलकोंकेतलेअश्कछुपारक्खाहै
एकदिनलौटकेआनाहैतुम्हेंदिलमें'समर'
सोयेदरबारभीफूलोंसेसजारक्खाहै
  - salman khan "samar"
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