जबसचकाआईनाशोरमचाएगा
शर्मसेतूपानी-पानीहोजाएगा
सारीदुनियामेंथू-थूहोजाएगी
जिसदिनतेराझूठपकड़मेंआएगा
मेरेपाँवकेछालेमुझसेेकहतेहै
कबतकउसकीखोजमेंचलताजाएगा
उसदिनमेरीतन्हाईजीउट्ठेगी
जिसदिनतूमेरीधड़कनबनजाएगा
जैसाहमबोएँगेवैसाकाटेंगे
कर्मोंकाफलतोहरकोईपाएगा
उसकेसारेग़मधुँदलेपड़जाएँगे
जिसकोमुश्किलमेंजीनाआजाएगा
मुझकोकाँटोंपरभीचलनाआताहै
इनरस्तोंपरक्यातूभीचलपाएगा
क्यूँँदौलतपेलोग'रज़ा'इतरातेहैं
इकदिनसबकुछमिट्टीमेंमिलजाएगा